श्रम विभाग ने नियमों में किया बड़ा बदलाव, ऑनलाइन आवेदन पर एक दिन के भीतर जारी होगा LIN प्रमाणपत्र; संशोधन प्रक्रिया भी हुई आसान
प्रदेश में व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने श्रम विभाग की सेवाओं को और अधिक सरल एवं तकनीक आधारित बना दिया है। संशोधित नियमों के तहत अब दुकानों और प्रतिष्ठानों के लिए श्रम पहचान संख्या (LIN) का पंजीयन प्रमाणपत्र ऑनलाइन आवेदन के महज 24 घंटे के भीतर जारी किया जाएगा। नई व्यवस्था से कागजी प्रक्रिया कम होगी और कारोबारियों को समयबद्ध सेवाओं का लाभ मिलेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कारोबारियों और उद्यमियों को बड़ी राहत देते हुए दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के पंजीयन संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। श्रम विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार अब श्रम पहचान संख्या (Labour Identification Number-LIN) प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। यह नई व्यवस्था 3 जून 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो गई है।
संशोधित नियमों के तहत किसी भी दुकान या स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर पंजीयन प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। नियोक्ताओं को निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे तथा ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करना होगा। पूरी प्रक्रिया स्व-घोषणा आधारित होगी और प्रमाणपत्र स्वतः सिस्टम से जनरेट होगा, जिसके लिए किसी प्रकार के भौतिक हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होगी।
डिजिटल होंगे सभी अभिलेख
नई व्यवस्था के तहत जारी किए जाने वाले सभी श्रम पहचान पंजीयन प्रमाणपत्र कानूनी रूप से पूर्ण वैधता रखेंगे। श्रम विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का डिजिटल रजिस्टर भी संधारित किया जाएगा, जिससे रिकॉर्ड प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी।
गलत जानकारी पर नियोक्ता होंगे जिम्मेदार
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवेदन में दी गई किसी भी प्रकार की गलत, अपूर्ण या भ्रामक जानकारी के लिए संबंधित नियोक्ता स्वयं जिम्मेदार होगा। साथ ही प्रत्येक प्रतिष्ठान को अपने नाम-पट्ट के साथ पंजीयन प्रमाणपत्र को परिसर में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
100 रुपये में होगा ऑनलाइन संशोधन
सरकार ने पंजीयन प्रमाणपत्र में संशोधन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। यदि किसी प्रतिष्ठान के नाम, पते, कर्मचारियों की संख्या अथवा व्यवसाय की प्रकृति में परिवर्तन होता है, तो नियोक्ता मात्र 100 रुपये शुल्क जमा कर ऑनलाइन संशोधन आवेदन कर सकेगा। ऐसे मामलों में भी संशोधित प्रमाणपत्र 24 घंटे के भीतर जारी कर दिया जाएगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा
श्रम विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से अनावश्यक कागजी कार्यवाही में कमी आएगी, प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज होंगी और राज्य में उद्योग एवं व्यापार के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार होगा। यह पहल सरकार की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ नीति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।