ITMS, बॉडी वॉर्न कैमरे और एम-परिवहन ऐप से लैस होंगे जवान, एसएसपी बोले- सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
बिलासपुर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और अनुशासित बनाने के लिए पुलिस ने तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर हाईटेक सिस्टम की मदद से नजर रखी जाएगी। पुलिस का फोकस केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
बिलासपुर। शहर में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। अब तेज रफ्तार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी कर वाहन चलाने वालों पर आधुनिक तकनीक की मदद से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस विभाग ने ‘विजिबल पुलिसिंग’ अभियान को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है।
शनिवार को आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और जवानों को नवीनतम ट्रैफिक निगरानी उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद अब यातायात पुलिस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और नेक्स्ट जेनरेशन एम-परिवहन ऐप की सहायता से नियम उल्लंघन करने वालों पर निगरानी रखेगी।
पुलिस जवानों को अत्याधुनिक बॉडी वॉर्न कैमरे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कार्रवाई के दौरान पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी विवाद की स्थिति में तथ्यात्मक रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। साथ ही, अपडेटेड पीओएस मशीनों के जरिए मौके पर ही डिजिटल चालान और अन्य वैधानिक कार्रवाई की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
ट्रैफिक सेंस विकसित करना प्राथमिकता
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्रवाई के साथ-साथ आम नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे भी उपस्थित रहे।
‘ट्रिपल-ई’ मॉडल पर होगा काम
एसएसपी ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस ‘ट्रिपल-ई’ मॉडल यानी एजुकेशन, इंजीनियरिंग और एनफोर्समेंट की रणनीति पर कार्य करेगी। इसके तहत सड़क संरचना की कमियों को चिन्हित कर सुधार के प्रयास किए जाएंगे, नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
इन उल्लंघनों पर रहेगी विशेष नजर
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब पीकर वाहन चलाने, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग कर ध्वनि प्रदूषण फैलाने, सिग्नल जंप करने, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाने तथा मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाने जैसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
इसके अलावा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले चालकों और संदिग्ध वाहनों के खिलाफ भी विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। पुलिस का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी और जन-जागरूकता के संयुक्त प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुगम एवं सुरक्षित बन सकेगी।