केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी वर्षा का दौर जारी, एमपी-राजस्थान में तेज आंधी; अगले दो दिन में कई और राज्यों तक पहुंचेगा मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुरुआती सुस्ती के बाद रफ्तार पकड़ ली है। चार दिनों के भीतर मानसून ने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, मिजोरम और मणिपुर समेत सात राज्यों को कवर कर लिया है। जहां दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है, वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी और लू का असर फिर बढ़ने लगा है।
भोपाल/लखनऊ/जयपुर/पटना (ए)। देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण क्षेत्र तक पहुंच गया है, जिसके प्रभाव से रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले दो दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के शेष हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी दस्तक दे सकता है।
मानसून के सक्रिय होने से केरल, कर्नाटक, गोवा और तमिलनाडु के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। हालांकि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में मौसम का विपरीत असर देखने को मिला, जहां लगातार पांचवें दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
उत्तर भारत में फिर बढ़ी गर्मी
दूसरी ओर, उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में एक बार फिर गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्री-मानसून बारिश से बदला मौसम
गुजरात को छोड़कर देश के अधिकांश राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में शनिवार को बारिश और तेज हवाओं का असर देखा गया। मध्य प्रदेश के भोपाल सहित कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली, जबकि राजस्थान के बीकानेर में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। उत्तर प्रदेश के मऊ और गाजीपुर में भी झमाझम बारिश दर्ज की गई।
चार दिन में सात राज्यों तक पहुंचा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार तीन दिन की देरी से देश में प्रवेश करने वाला मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। शनिवार को इसने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मिजोरम और मणिपुर में दस्तक दी, जबकि इससे एक दिन पहले कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा तक पहुंच चुका था। केरल में मानसून की एंट्री 4 जून को हुई थी।
पूर्वी भारत में धीमी रह सकती है रफ्तार
आईएमडी का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में मानसून पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। वहीं अगले 10 दिनों के भीतर इसके बिहार, झारखंड और ओडिशा तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई मजबूत मौसमी तंत्र सक्रिय नहीं होने के कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मानसून की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।