16 जून से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र, एसोसिएशन ने शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर जताई चिंता
प्रदेश में 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन निजी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने समय पर किताबें उपलब्ध नहीं होने पर चिंता जताते हुए स्कूल शिक्षा विभाग से जल्द वितरण कार्यक्रम जारी करने की मांग की है।
रायपुर। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद प्रदेशभर के स्कूल 16 जून से फिर से गुलजार होने जा रहे हैं, लेकिन निजी स्कूलों के सामने पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। नए सत्र के आरंभ में अब कुछ ही दिन शेष हैं, जबकि निजी स्कूलों को अब तक किताबों के वितरण संबंधी कोई स्पष्ट शेड्यूल नहीं मिला है।
इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा सरकारी स्कूलों में पुस्तकों की आपूर्ति शुरू कर दी गई है, लेकिन निजी स्कूलों के लिए अब तक वितरण प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि सरकारी स्कूलों को संकुल स्तर तक किताबें पहुंचाई जा रही हैं, जबकि निजी स्कूलों को स्वयं पाठ्यपुस्तक निगम के डिपो से पुस्तकें प्राप्त करनी पड़ेंगी। ऐसे में प्रदेश के अनेक स्कूलों को 150 से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे परिवहन खर्च और समय दोनों बढ़ेंगे।
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि यदि समय रहते पुस्तक वितरण की व्यवस्था नहीं हुई तो स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थियों तक किताबें पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा और पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि विभाग निजी स्कूलों के लिए भी अलग से वितरण कार्यक्रम जारी कर पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे।
एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में समानता बनाए रखने के लिए सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों को समय पर पाठ्यसामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि विभाग शीघ्र निर्णय लेकर विद्यार्थियों के हित में आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि नए सत्र की शुरुआत बिना किसी बाधा के हो सके।