आर्किटेक्ट ने फर्जी लिंक पर किया क्लिक, कुछ ही मिनटों में खाते से उड़ी रकम; नोएडा तक पहुंची जांच
दुर्ग-भिलाई में साइबर ठगों ने ई-चालान के नाम पर एक आर्किटेक्ट को निशाना बनाते हुए 4.24 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया। मोबाइल पर भेजे गए फर्जी लिंक पर क्लिक करते ही ठगों ने क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपए निकाल लिए और उससे तीन महंगे स्मार्टफोन खरीद डाले। पुलिस ने मामला दर्ज कर डिजिटल ट्रांजेक्शन और डिलीवरी नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
दुर्ग-भिलाई। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर नए तरीके से लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश की है। इस बार ई-चालान के नाम पर भेजे गए एक फर्जी मैसेज ने राजनांदगांव निवासी एक आर्किटेक्ट को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचा दिया। ठगों ने महज कुछ मिनटों में उनके क्रेडिट कार्ड से 4 लाख 24 हजार 373 रुपए निकाल लिए और उस रकम से तीन प्रीमियम स्मार्टफोन खरीद लिए।
पुलिस के अनुसार, राजनांदगांव निवासी 30 वर्षीय अंकेश सिन्हा 6 जून को कोहका स्थित अपने ससुराल आए हुए थे। शाम करीब 5:41 बजे उनके मोबाइल पर ‘एम-परिवहन’ के नाम से एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें एक्टिवा वाहन पर 1000 रुपए का लंबित ई-चालान दर्शाया गया था। वाहन से जुड़ा मामला समझकर उन्होंने संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया।
लिंक पर क्लिक करने के कुछ समय बाद ही उनके क्रेडिट कार्ड से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1.31 लाख रुपए और 2.92 लाख रुपए निकाल लिए गए। कुल 4.24 लाख रुपए की राशि साइबर ठगों ने पार कर दी। जब खाते से रकम कटने के संदेश मिले, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगी की गई रकम का उपयोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से तीन प्रीमियम सैमसंग स्मार्टफोन खरीदने में किया गया। ट्रांजेक्शन और खरीदारी से जुड़े दस्तावेजों में उत्तर प्रदेश के नोएडा का पता सामने आया है, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
स्मृति नगर चौकी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और डिलीवरी एड्रेस की जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि ई-चालान, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल, बैंक वेरिफिकेशन और पार्सल डिलीवरी जैसे संदेशों में भेजे गए लिंक पर बिना जांच किए क्लिक न करें। ऐसे फर्जी लिंक के जरिए साइबर अपराधी बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज की सत्यता की पुष्टि किए बिना उस पर प्रतिक्रिया न दें और ठगी की आशंका होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।