SIT ने शुरू की पड़ताल, कई कर्मचारियों की बढ़ी संपत्तियां बनीं जांच का आधार; अब तक करोड़ों की नकदी और संपत्ति के सुराग
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। चढ़ावे की गणना और रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों की अचानक बढ़ी संपत्तियों और जीवनशैली में आए बदलाव के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। शासन ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर पूरे प्रकरण की पड़ताल शुरू कर दी है, जबकि कई कर्मचारी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
अयोध्या (ए)। रामलला के दरबार में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दानपात्रों से प्राप्त नकदी की गणना और निगरानी से जुड़े कर्मचारियों की संपत्तियों तथा वित्तीय गतिविधियों की जांच शुरू होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है।
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावे की गिनती और लेखा-जोखा से जुड़े करीब 50 कर्मचारी जांच के दायरे में हैं। इनमें निजी एजेंसी के कर्मचारी, ट्रस्ट से जुड़े कार्मिक तथा बैंक और ऑडिट टीम के सदस्य शामिल हैं। शुरुआती जांच में कुछ कर्मचारियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी, महंगे मोबाइल फोन और अन्य संपत्तियों के सुराग मिलने की बात सामने आई है। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी भी आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों से प्राप्त नकदी को एक सुरक्षित कक्ष में ले जाकर गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कई स्तरों पर निगरानी की व्यवस्था है, फिर भी कुछ कर्मचारियों की आय और संपत्ति में असामान्य वृद्धि ने संदेह को जन्म दिया है। जांच एजेंसियां पिछले कुछ वर्षों में अर्जित चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इसमें प्रशासन, पुलिस और वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति को निर्धारित समयावधि में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच का केंद्र उन कर्मचारियों की संपत्तियां बनी हुई हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति में पिछले कुछ वर्षों के दौरान उल्लेखनीय बदलाव देखा गया। कुछ कर्मचारियों के नाम पर जमीन, मकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य निवेश सामने आने के बाद जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया गया है।
सूत्रों का दावा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च स्तर पर भी निगरानी रखी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दान और चढ़ावे की गणना, भंडारण तथा बैंकिंग प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई।
फिलहाल पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। प्रशासन का कहना है कि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।