मई में थोक महंगाई 9.68% पर पहुंची, चांदी ₹8,906 और सोना ₹2,846 महंगा; US-ईरान समझौते से कच्चे तेल के दाम में राहत
देश में महंगाई ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। मई महीने में थोक महंगाई दर बढ़कर पिछले 43 महीनों के उच्चतम स्तर 9.68 प्रतिशत पर पहुंच गई। दूसरी ओर सोना-चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
देश की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने वाले कई बड़े संकेत सोमवार को सामने आए। महंगाई के मोर्चे पर जहां आम लोगों को बड़ा झटका लगा, वहीं सर्राफा बाजार में सोना और चांदी ने नई ऊंचाइयों को छू लिया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और समझौते की खबरों से कच्चे तेल की कीमतों में राहत देखने को मिली।
कॉमर्स मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मई महीने में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 9.68 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो पिछले 43 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले अप्रैल में यह आंकड़ा 8.26 प्रतिशत दर्ज किया गया था। सितंबर 2022 के बाद यह महंगाई का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार खाद्य सामग्री, ईंधन, अनाज और खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों ने महंगाई दर को ऊपर धकेला है। यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं होती हैं तो आने वाले समय में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
वहीं सर्राफा बाजार में भी तेजी का रुख बना रहा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार एक किलो चांदी की कीमत में एक दिन में 8,906 रुपए की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद इसका भाव 2.51 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया। इसी तरह 24 कैरेट सोना 2,846 रुपए महंगा होकर 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
दूसरी ओर वैश्विक बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और समझौते की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 4.8 प्रतिशत टूटकर 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रूप से देखने को मिला और बाजार में तेजी का माहौल बना।