एजीएम से पहले इस्तीफे की घोषणा; फरवरी 2027 तक बने रहेंगे चेयरमैन, नेतृत्व को लेकर स्पष्टता पर दिया जोर
मुंबई (ए)। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उनकी यह घोषणा कंपनी की 18 अगस्त को प्रस्तावित वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से ठीक पहले सामने आई है। हालांकि, वे अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करते हुए 20 फरवरी 2027 तक चेयरमैन पद की जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। वर्ष 2017 में टाटा समूह की कमान संभालने वाले चंद्रशेखरन समूह के पहले गैर-टाटा परिवार से आने वाले पेशेवर चेयरमैन थे।
कार्यकाल विस्तार पर मतभेद बने पृष्ठभूमि
सूत्रों के अनुसार, टाटा संस में लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद उभर आए थे। ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के साथ नए कारोबारी निवेश और उनके प्रदर्शन को लेकर असहमति बढ़ने की चर्चा रही। बोर्ड ने फरवरी में चंद्रशेखरन के अगले पांच वर्षीय कार्यकाल की सिफारिश की थी, लेकिन प्रस्ताव को सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिल सका।
‘लीडरशिप को लेकर स्पष्टता जरूरी’
चंद्रशेखरन ने अपने बयान में कहा कि उनका वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा। उन्होंने बताया कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने उनके कार्यकाल विस्तार का प्रस्ताव पारित किया था, जिसे टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेम्युनरेशन कमेटी तथा बोर्ड ने भी आगे बढ़ाने की अनुशंसा की। हालांकि, बोर्ड के एक सदस्य द्वारा समर्थन नहीं दिए जाने के कारण प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि टाटा समूह कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाओं के निर्णायक चरण में है और ऐसे समय में भविष्य की नेतृत्व व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों, निवेशकों, साझेदारों और अन्य हितधारकों के बीच स्पष्टता होना अत्यंत आवश्यक है।
उनके कार्यकाल में समूह ने हासिल की उल्लेखनीय वृद्धि
चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया और समूह का राजस्व दोगुने से अधिक स्तर तक पहुंचा। डिजिटल, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और नए व्यवसायों में बड़े निवेश के साथ समूह ने कई वैश्विक पहलें आगे बढ़ाईं। अब उनके इस्तीफे के फैसले ने टाटा समूह के अगले नेतृत्व को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है।