मोमबत्ती मार्च की अपील, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग; किसानों और आम लोगों से जुड़ने का आह्वान
NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों ने इसे देशव्यापी जनसमर्थन से जोड़ने की अपील भी की है।
नई दिल्ली (ए)। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि कथित तौर पर प्रभावित छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए सोमवार शाम जंतर-मंतर पर मोमबत्तियां लेकर पहुंचें। उनका कहना है कि धीरे-धीरे इस आंदोलन को लोगों का समर्थन मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने देशभर के किसानों और विभिन्न वर्गों के लोगों से भी समर्थन की अपील की। उनका कहना है कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को व्यापक सामाजिक भागीदारी की जरूरत है।
हालांकि दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन के लिए निर्धारित अवधि तक ही अनुमति दी गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी तय समय के बाद भी जंतर-मंतर पर डटे रहे। इसके चलते स्थिति को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई।
प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान उन्हें कुछ मूलभूत सुविधाओं से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने सार्वजनिक शौचालयों में पानी की आपूर्ति और बिजली व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और आगे की रणनीति को लेकर आंदोलनकारी लगातार चर्चा कर रहे हैं।