रायगढ़. छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। इस बीच कहीं प्रत्याशियों की रोचक प्रोफाइल सामने आ रही है तो कहीं, टिकट ना मिलने पर बवाल भी हो रहा है। रायगढ़ में भाजपा ने एक बड़ा दांव खेलते हुए चायवाले को मेयर कैंडिडेट बनाया है। जीव वर्धन चौहान 7वीं पास हैं और चाय-पान की दुकान चलाते हैं। वहीं छुईखदान नगर पंचायत में टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी की ही पूर्व पार्षद का दर्द छलका है। शैव्या वैष्णव ने रोते हुए एक वीडियो जारी कर परिवारवाद का आरोप लगाया।
बीजेपी के मेयर प्रत्याशी जीव वर्धन चौहान की रेलवे काॅलोनी के पास सोनकर पारा में रहते हैं। जीव वर्धन चौहान विश्वासगढ़ चर्च के पास ओवरब्रिज के ठीक नीचे दुकान लगाते हैं। उन्हें दुकान चलाते करीब 27 साल हो चुके हैं। जीव वर्धन की जिंदगी में रविवार को एक नया मोड़ आया, जब भाजपा ने उन्हें महापौर पद के लिए प्रत्याशी चुना। इस पद के लिए दावेदारों की लंबी लिस्ट थी, लेकिन अचानक जीव वर्धन चौहान का नाम सामने आने से अब उनकी दिनचर्या ही बदल चुकी है। सुबह उठने के बाद चाय की दुकान नहीं बल्कि आम जनता से मिलने का सिलसिला शुरू हो रहा है। दैनिक भास्कर की टीम से उन्होंने खास बातचीत की। जीव वर्धन चौहान पत्नी और 4 बेटियों के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से पार्टी और संघ से जुड़े हुए हैं। चौहान का कहना है कि, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो जाएगा। उन्हें महापौर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा।
उनकी चाय की दुकान में ग्राहकों के अलावा वरिष्ठ नेता और अन्य कार्यकर्ता भी कभी-कभार आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि महापौर पद के लिए उनका नाम सामने आने के बाद घर का माहौल पूरी तरह बदल चुका है और सभी काफी उत्साहित हैं। जीव वर्धन चौहान ने 1996 में भाजपा में सदस्यता ली थी। इसके बाद 1998 में पार्षद बने। साल 2004 में भाजयुमो नगर कार्यकारिणी में रहे। 2005 में भाजयुमो नगर मंत्री बने। भाजयुमो में ही नगर अध्यक्ष का भी पद संभाला है।
इसके अलावा साल 2010 में नगर निगम में एल्डरमैन बनाए गए थे। वर्तमान में जीव वर्धन चौहान प्रदेश मंत्री अजा मोर्चा, जिला भाजपा कार्यसमिति सदस्य, मोर्चा प्रभारी जिला जशपुर, 2023 से 2024 तक विधानसभा और लोकसभा में शक्ति केन्द्र प्रभारी हैं। छुईखदान की बात करें तो शैव्या वैष्णव ने कहा कि, भाजपा ने प्रदेश संगठन चुनाव प्रभारी खूबचंद पारख की बेटी शीतल जैन को टिकट दिया है। इस नाम की कोई चर्चा ही नहीं थी। उन्होंने वीडियो में पैराशूट प्रत्याशी उतारने की बात कही। वीडियो में शैव्या वैष्णव ने कहा कि, राजनीति में महिलाओं के लिए आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है। उन्होंने अपने परिवार और बच्चों की परवाह किए बिना पार्टी के लिए दिन-रात काम किया, लेकिन उनकी मेहनत का कोई मूल्य नहीं समझा गया।
शैव्या ने पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि टिकट उन महिलाओं को दिया गया है, जिनके पीछे बड़े नेताओं और परिवार का समर्थन है। महिला आरक्षण का उद्देश्य मेहनती और सक्षम महिलाओं को आगे बढ़ाना था, लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं हो रहा। पिछले 15 सालों से पार्टी में शैव्या कई दायित्व संभाल चुकी हैं। उनकी सक्रियता के कारण उन्हें पिछले निकाय चुनाव में टिकट मिला था, इसके बाद से अब तक वर्तमान में वह पार्षद हैं। इसके साथ ही पूर्व जिला महिला मोर्चा की मंत्री है, RSS की महिला विंग राष्ट्र सेविका समिति से जुड़ी हुईं हैं। इस चुनाव में भी वे प्रबल दावेदार थीं।