एक ग्रामीण पहले बाल-बाल बचा, घायल किसान ने संघर्ष कर छुड़ाई जान; गांव में दहशत, वन विभाग की टीम अलर्ट
गुजरात के भावनगर जिले में इंसानी बस्ती के पास शेर की मौजूदगी ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पालीताना तालुका के गरजिया गांव में सोमवार सुबह एक शेर ने किसान पर हमला कर दिया। किसान ने संघर्ष करते हुए अपनी जान बचाई। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल है, जबकि वन विभाग शेर को पकड़ने की कार्रवाई में जुटा है।
भावनगर (ए)। पालीताना तालुका के गरजिया गांव में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक शेर गांव के रिहायशी और खेत क्षेत्र में पहुंच गया। घटना में किसान कालूभाई बोगभाई परमार गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि शेर ने उन पर अचानक हमला करते हुए उन्हें जमीन पर गिरा दिया और उनका हाथ अपने जबड़े में दबोच लिया।
घायल किसान कालूभाई ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे वह अपनी गाय को चारा खिलाने जा रहे थे। इसी दौरान शेर ने पीछे से हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि करीब आधे घंटे तक शेर ने उनका हाथ नहीं छोड़ा और वह लगातार खुद को बचाने की कोशिश करते रहे।
कालूभाई के अनुसार उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष करते हुए शेर को खरोंचने की कोशिश की, जिसके बाद शेर की पकड़ थोड़ी ढीली हुई और वह खुद को छुड़ाकर वहां से निकलने में सफल रहे। इसके बाद शेर का ध्यान पास में मौजूद पशुओं की ओर चला गया।
पहले भी एक ग्रामीण पर झपटने की कोशिश
ग्रामीण हेमूभाई गढ़वी ने बताया कि घटना से पहले शेर ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि सुबह दूध लेकर लौटने के दौरान घर के आसपास लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया कि शेर बाड़े में घुस आया है।
हेमूभाई के अनुसार जब उन्होंने अपने पशुओं को खोलने का प्रयास किया तो शेर तेजी से उनकी ओर दौड़ा। खतरा महसूस होते ही वह तुरंत पास के घर में घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया। इस दौरान उनकी भैंस भी घबराकर भागी, जिससे शेर का ध्यान दूसरी ओर चला गया और वह सुरक्षित बच गए।
गांव में डर का माहौल, बच्चों ने नहीं किया स्कूल का रुख
घटना के बाद गरजिया गांव और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और महिलाओं में भी दहशत है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने पशुओं को बाहर नहीं छोड़ा, जबकि कुछ बच्चे भय के कारण स्कूल भी नहीं गए।
वन विभाग ने शुरू की तलाश
ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शेर की तलाश शुरू कर दी। पंचायत प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और शेरों को सुरक्षित तरीके से जंगल क्षेत्र में पहुंचाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी कई बार जंगली जानवरों की आवाजाही की शिकायत की गई थी।