दक्षिण झारखंड-उत्तरी ओडिशा के लो प्रेशर सिस्टम का असर, मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी; बुधवार से बारिश की रफ्तार पड़ सकती है धीमी
रायपुर। प्रदेश में सक्रिय मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटे में कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जबकि बालोद में लगातार वर्षा के कारण खेत की जमीन धंसकर करीब 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
बालोद। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। बीते 24 घंटों के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी मध्य एवं उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के ग्राम भानपुरी में देखने को मिला, जहां एक खेत की जमीन अचानक धंस गई। घटना के बाद खेत में करीब 20 फीट चौड़ा और लगभग 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
उधर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध माड़ोसिल्ली झरना बारिश के बाद पूरे वेग से बहने लगा है। झरने का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। वहीं जशपुर जिले की पहाड़ियां और घने जंगल घने कोहरे की चादर में लिपटे नजर आए, जिससे पूरे क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य और निखर गया।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण झारखंड और उससे लगे उत्तरी ओडिशा के भीतरी क्षेत्रों में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर) के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश हो रही है। यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते कई जिलों में तेज वर्षा की संभावना बनी हुई है।
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 8 जुलाई से प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है। इसके बावजूद लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।