लैंडस्लाइड और बाढ़ से तबाही; जम्मू-कश्मीर में बादल फटा, उत्तराखंड में बद्रीनाथ हाईवे धंसा
नई दिल्ली (ए)। देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। केरल और कर्नाटक में लैंडस्लाइड तथा बाढ़ की घटनाओं में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और कई घरों-दुकानों में पानी घुस गया। वहीं उत्तराखंड में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 20 मीटर हिस्सा धंसने से यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
केरल में राहत शिविरों में पहुंचाए गए हजारों लोग
केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज करते हुए 209 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां 5,792 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है।
शिवमोग्गा में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में रविवार सुबह पहाड़ी क्षेत्र में हुए भूस्खलन ने एक परिवार को उजाड़ दिया। हादसे में मल्लिकार्जुन (35), उनकी पत्नी नागवेणी (28) और तीन वर्षीय पुत्र संतोष की मौत हो गई। बताया गया कि घटना के समय तीनों अपने घर में सो रहे थे।
किश्तवाड़ में बादल फटने से कई घरों में घुसा पानी
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू क्षेत्र में शनिवार को बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ से कई मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। तेज बहाव में दो कारें बह गईं और सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया। स्थिति को देखते हुए किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों के सभी स्कूल एहतियातन बंद कर दिए गए हैं।
उत्तराखंड में बद्रीनाथ हाईवे का हिस्सा धंसा
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भूस्खलन हुआ, जबकि चमोली जिले के गौचर के समीप कमेड़ा क्षेत्र में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया। इसके चलते प्रशासन ने मार्ग पर यातायात को फिलहाल वन-वे व्यवस्था के तहत संचालित किया है।
7 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में 7 अगस्त तक मौसम खराब बना रह सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।