बीएसपी और टाउनशिप के मुद्दे पर कांग्रेस का चार दिवसीय मार्च; भाजपा ने इसे राजनीतिक अभियान करार दिया
दुर्ग-भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP), टाउनशिप और जनसुविधाओं के संरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही ‘भिलाई बचाओ’ पदयात्रा अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गई है। कांग्रेस जहां इस अभियान को हजारों परिवारों के हितों की रक्षा का आंदोलन बता रही है, वहीं भाजपा ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए सवाल उठाया है कि जब शहर में विधायक और महापौर दोनों कांग्रेस के हैं, तो आखिर भिलाई को किससे बचाने के लिए पदयात्रा निकाली जा रही है।
चार दिन में तय होंगे 70 किलोमीटर
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में शुरू हुई यह पदयात्रा सेक्टर-9 स्थित हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर भिलाई, चरोदा और कुम्हारी होते हुए रायपुर पहुंचेगी। करीब 70 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का समापन 4 अगस्त को राजभवन में राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर किया जाएगा। यात्रा के पहले दिन पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
बीएसपी और टाउनशिप के मुद्दे उठाए
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीएसपी टाउनशिप की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और अस्पतालों, स्कूलों सहित विभिन्न जनसुविधाओं का धीरे-धीरे निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए, रिटेंशन और लाइसेंस वाले मकानों को खाली कराने की कार्रवाई बंद हो, कर्मचारियों का वेज रिवीजन शीघ्र लागू किया जाए, लंबित एरियर का भुगतान किया जाए तथा टाउनशिप में पेयजल, रखरखाव और श्रमिक सुविधाओं में सुधार किया जाए।
भाजपा ने आंदोलन की मंशा पर उठाए सवाल
भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कांग्रेस के आंदोलन को राजनीतिक नाटक बताते हुए कहा कि भिलाई के विधायक और नगर निगम के महापौर दोनों कांग्रेस से हैं। ऐसे में कांग्रेस को पहले अपने ही जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कांग्रेस अपने विधायक और महापौर से भिलाई को बचाने निकली है, तो भाजपा भी उसके साथ खड़ी है।
नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोप
भाजपा ने कांग्रेस शासनकाल में नगर निगम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप भी लगाया। भाजपा नेताओं का कहना है कि पेवर ब्लॉक, पाइपलाइन, स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास कार्यों में अनियमितताएं हुई हैं, जबकि सफाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
दूसरे दिन डबरापारा तक पहुंचेगी यात्रा
पदयात्रा के दूसरे दिन कांग्रेस कार्यकर्ता मगध तैलिक भवन से निकलकर सुभाष चौक, पावर हाउस, नंदिनी रोड और कैनाल रोड होते हुए डबरापारा तक मार्च करेंगे। कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी इस आरोप-प्रत्यारोप ने भिलाई की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जहां एक पक्ष बीएसपी और टाउनशिप के भविष्य को लेकर सरकार और प्रबंधन पर दबाव बना रहा है, तो दूसरा पक्ष आंदोलन की राजनीतिक मंशा पर सवाल उठा रहा है।