कारोबारी की कई दिनों तक रेकी कर रची साजिश; रकम बांटकर बाइक मरम्मत, खरीदारी और पार्टी में उड़ाए लाखों रुपये
दुर्ग-भिलाई। कारोबारी की कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख रुपये से भरा बैग पार करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि वारदात की पूरी साजिश एक शोरूम में साथ काम करने वाले प्रेमी-प्रेमिका ने रची थी। कारोबारी की कई दिनों तक रेकी करने के बाद सही अवसर देखकर घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई को मुक्त नगर निवासी कारोबारी प्रमोद महेश्वरी अपनी मारुति स्विफ्ट कार में करीब 4.90 लाख रुपये लेकर निकले थे। उन्होंने पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम के सामने कार खड़ी की और कुछ देर के लिए बाहर चले गए। लौटने पर कार का शीशा टूटा मिला और नकदी से भरा बैग गायब था। शिकायत के बाद एसीसीयू और पुलगांव थाना पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से खुला पूरा राज
घटनास्थल और आसपास के लगभग पांच किलोमीटर क्षेत्र में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के दौरान पुलिस की नजर शोरूम के एक कर्मचारी पर गई। पूछताछ में उसके बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह का खुलासा हो गया।
प्रेमी-प्रेमिका ने बनाया था मास्टर प्लान
जांच में सामने आया कि भुवनेश्वर डहरिया और सपना राजपूत इस गिरोह के मुख्य सूत्रधार थे। दोनों पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम में साथ काम करते थे। भुवनेश्वर डेमो कार चालक था, जबकि सपना शोरूम कर्मचारी थी। गिरोह में भुवनेश्वर का मामा संतोष जोशी, संजय साहू और जितेंद्र कुमार भी शामिल थे।
कारोबारी की दिनचर्या पर रखी जा रही थी नजर
पुलिस के मुताबिक भुवनेश्वर कई दिनों से प्रमोद महेश्वरी की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। उसे जानकारी थी कि कारोबारी रोज सुबह नकदी से भरा बैग कार में लेकर आते हैं और कुछ समय के लिए वाहन छोड़कर बाहर जाते हैं। इसी सूचना के आधार पर वारदात की पूरी योजना तैयार की गई।
पुलिस को चकमा देने के लिए बदले वाहन
वारदात वाले दिन आरोपियों ने पहले एक्टिवा और फिर दो अलग-अलग पल्सर मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग रास्तों से निकले और बाद में एक स्थान पर एकत्र हुए, ताकि सीसीटीवी फुटेज से उनकी गतिविधियों का आसानी से पता न चल सके।
रकम बांटकर की खरीदारी और पार्टी
चोरी के बाद सभी आरोपी एक साथी के कमरे पर पहुंचे, जहां नकदी का बंटवारा किया गया। पुलिस के अनुसार भुवनेश्वर ने एटीएम के जरिए सपना राजपूत के बैंक खाते में 1.04 लाख रुपये जमा कराए। करीब 30 हजार रुपये बाइक की मरम्मत और अन्य खर्चों में लगाए गए, जबकि शेष रकम साथियों में बांट दी गई। किसी ने नए कपड़े खरीदे तो कुछ आरोपी कई दिनों तक शराब और पार्टी में जुटे रहे। पुलिस केवल 1.57 लाख रुपये ही बरामद कर सकी।
एक फोन कॉल बना गिरफ्तारी की वजह
मामले में अहम मोड़ तब आया जब पुलिस जांच के दौरान संतोष जोशी तक पहुंची। पूछताछ के दौरान उसने रकम की जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन उसी दौरान सपना के मोबाइल पर उसका फोन आया। पुलिस ने स्पीकर ऑन कर बातचीत सुनी, जिसमें संतोष ने सपना को उसके खाते में जमा एक लाख रुपये के बारे में कुछ भी न बताने की सलाह दी। इसी बातचीत के आधार पर पुलिस ने उसे भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।
तीन लोगों ने रची थी साजिश
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि भुवनेश्वर डहरिया, सपना राजपूत और संजय साहू ने मिलकर पूरी योजना बनाई थी, जबकि अन्य आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने और रकम ठिकाने लगाने में सहयोग किया। सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।