रिटेंशन व्यवस्था समाप्त होने की आशंका से सेवानिवृत्त कर्मचारी और नागरिक चिंतित; नोटिस, लीज रजिस्ट्रेशन और आवास सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) की टाउनशिप आवास व्यवस्था को लेकर विवाद तेज हो गया है। आवास नीति में संभावित बदलाव और रिटेंशन व्यवस्था समाप्त किए जाने की आशंका के विरोध में शनिवार शाम बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी, उनके परिवार और स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतर आए। ‘भिलाई को बचाना है’ अभियान के तहत निकाले गए विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बीएसपी मेन गेट की ओर बढ़ने की कोशिश की, जहां पुलिस और CISF ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान बैरिकेडिंग के पास दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
रिटेंशन व्यवस्था खत्म होने की आशंका से बढ़ी चिंता
सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि इस्पात मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव में रिटेंशन व्यवस्था का उल्लेख नहीं होने से टाउनशिप में वर्षों से रह रहे परिवारों के भविष्य को लेकर असमंजस बढ़ गया है। उनका आरोप है कि मोनेटाइजेशन नीति के तहत रिटेंशन व्यवस्था समाप्त करने की तैयारी की जा रही है, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हो सकते हैं।
नोटिस और लीज रजिस्ट्रेशन को लेकर नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाइसेंस वाले मकानों पर लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जबकि लीज पर दिए गए मकानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक बीएसपी में सेवा दी है और अब आवास संबंधी अनिश्चितता उनके लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
10 हजार से अधिक परिवारों पर असर की आशंका
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि प्रस्तावित बदलावों का असर टाउनशिप के 10 हजार से अधिक परिवारों पर पड़ सकता है। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि भविष्य में टाउनशिप के बड़े हिस्से को खाली कराकर भूमि का उपयोग अन्य संस्थाओं या निजी परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मुर्गा चौक से मेन गेट तक निकाला गया विरोध मार्च
‘भिलाई को बचाना है’ अभियान और भिलाई सत्याग्रह के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में 500 से अधिक लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सेक्टर-1 स्थित मुर्गा चौक से मार्च करते हुए बीएसपी मेन गेट की ओर बढ़े। उनके हाथों में पोस्टर और बैनर थे तथा वे आवास खाली कराने के नोटिस, लीज रजिस्ट्रेशन, रिटेंशन पॉलिसी और कथित निजीकरण के विरोध में नारे लगा रहे थे।
तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, पुलिस से झूमाझटकी
प्रदर्शन को देखते हुए बीएसपी मेन गेट के आसपास पुलिस और CISF की भारी तैनाती की गई थी। लगभग 200 पुलिसकर्मी और 150 CISF जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे। प्रदर्शनकारी पहले बैरिकेड को पार कर आगे बढ़े, लेकिन दूसरे बैरिकेड पर उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद कुछ युवाओं ने बैरिकेड पर चढ़ने और उसे पार करने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग पेड़ों पर भी चढ़ गए। करीब एक घंटे तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बनी रही।
रिटेंशन धारकों के योगदान का दिया हवाला
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कहा कि टाउनशिप के विकास, रखरखाव और सामाजिक ढांचे को मजबूत बनाने में रिटेंशन धारकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में आवास नीति में किसी भी बदलाव से पहले उनके हितों और वर्षों की सेवा को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
विधायक देवेंद्र यादव ने दिया आंदोलन को समर्थन
प्रदर्शन में पहुंचे भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि टाउनशिप के आवासों को खाली कराने की प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि हजारों परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ता है तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा, “भिलाई का एक भी घर खाली नहीं होने देंगे,” और आवास से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।