सेंसेक्स 750 अंक तक फिसला, निफ्टी भी 22,360 के नीचे; अमेरिकी बॉन्ड का बढ़ता रिटर्न और कमजोर रुपया बना दबाव की वजह, मनीव्यू की 62% प्रीमियम पर लिस्टिंग
मुंबई (ए)। भारतीय शेयर बाजार में लगातार जारी बिकवाली से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। गुरुवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 750 अंकों तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी 260 अंक टूटकर 22,360 के स्तर से नीचे पहुंच गया। ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों पर दिखाई दिया। विदेशी निवेशकों की निकासी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और रुपए की कमजोरी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। दूसरी ओर, आईपीओ बाजार में मनीव्यू के शेयरों ने इश्यू प्राइस से करीब 62 प्रतिशत ऊपर शुरुआत की।
शेयर बाजार में गिरावट का दौर लगातार चौथे कारोबारी दिन भी जारी रहा। निवेशकों की बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 750 अंक तक नीचे आया, वहीं निफ्टी में भी 260 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। बाजार में ऑटो और मेटल कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा।
बाजार में कमजोरी के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली प्रमुख वजहों में शामिल है। बीते सात दिनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 29,176 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की है। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 26,252 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने का प्रयास किया। बीते 30 दिनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का आंकड़ा 45,156 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों का रुख बदला
विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। खासकर मंगलवार और बुधवार को हुई भारी निकासी से निवेशकों की चिंता बढ़ी। बुधवार को ही विदेशी निवेशकों ने 10,148 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 11,272 करोड़ रुपए की खरीदारी की। इसके बावजूद बाजार में गिरावट का सिलसिला बना रहा।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई चुनौती
अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार की मुश्किलें बढ़ी हैं। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड 5.3 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई है, जबकि 30 साल के बॉन्ड की यील्ड भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। सुरक्षित निवेश विकल्पों में अधिक रिटर्न मिलने से विदेशी निवेशकों के लिए शेयर बाजार की तुलना में बॉन्ड आकर्षक हो सकते हैं। इसका असर उभरते बाजारों में निवेश प्रवाह पर पड़ रहा है।
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर
डॉलर की मजबूती के बीच भारतीय रुपए पर भी दबाव बना हुआ है। रुपया प्रति डॉलर 95.98 के स्तर तक कमजोर हुआ। मुद्रा बाजार में सरकारी बैंकों की ओर से डॉलर की बिक्री के जरिए रुपए को समर्थन देने की कोशिश की गई। हालांकि कमजोर रुपए से विदेशी निवेशकों के निवेश मूल्य और रिटर्न पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
मनीव्यू के शेयरों की दमदार लिस्टिंग
शेयर बाजार में गिरावट के बीच डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म मनीव्यू के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। कंपनी के शेयर 34 रुपए के इश्यू प्राइस के मुकाबले 55 रुपए पर सूचीबद्ध हुए। इस तरह लिस्टिंग के समय निवेशकों को करीब 61.76 प्रतिशत का प्रीमियम मिला। 24 से 28 सितंबर के बीच खुले कंपनी के आईपीओ को कुल 98.46 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में इसे 227 गुना से अधिक अभिदान मिला।