कुम्हली में 1.23 हेक्टेयर संयुक्त कृषि भूमि बेचने का मामला; असली हिस्सेदार की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा करने का आरोप, तीन साल से फरार दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र के ग्राम कुम्हली में संयुक्त कृषि भूमि की बिक्री में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन के वास्तविक हिस्सेदार संजय कुमार की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर उनकी पहचान में 1.23 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दिलीप बंजारे और कन्हैया बंजारे को गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
भाई के साथ संयुक्त नाम पर दर्ज थी जमीन
पुलिस के मुताबिक कुम्हली स्थित खसरा नंबर 854/1 की 1.23 हेक्टेयर कृषि भूमि संजय कुमार और उनके भाई ईश्वर दास के नाम पर संयुक्त रूप से दर्ज थी। दोनों भाइयों की जमीन में बराबर हिस्सेदारी थी। 14 जुलाई 2021 को उक्त भूमि की बिक्री की रजिस्ट्री कराई गई।
रजिस्ट्री के समय नागपुर में ड्यूटी कर रहे थे संजय
शिकायतकर्ता संजय कुमार का कहना है कि रजिस्ट्री के दिन वे महाराष्ट्र के नागपुर में अपनी ड्यूटी पर थे। उन्होंने अपनी मौजूदगी साबित करने के लिए विभाग से संबंधित दस्तावेज भी न्यायालय में प्रस्तुत किए। इसके बावजूद उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को संजय कुमार बनाकर रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया गया है।
क्रेता और गवाह बनकर शामिल हुए आरोपी
शिकायत के अनुसार संजय कुमार के भाई ईश्वर दास ने कथित तौर पर उनकी जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर जमीन की बिक्री कराई। विक्रय दस्तावेज में दिलीप बंजारे को क्रेता और कन्हैया बंजारे को गवाह बनाया गया था। मामले में ईश्वर दास के अलावा दिलीप बंजारे, परागा बंजारे, कन्हैया बंजारे, मदन लाल डहरे और उप पंजीयक पाटन को पक्षकार बनाया गया था।
रजिस्ट्री के बाद लगातार की शिकायत
संजय कुमार ने रजिस्ट्री की जानकारी मिलने के बाद 1 सितंबर 2021 को पंजीयन कार्यालय पाटन में विक्रय विलेख पर रोक लगाने के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद उन्होंने पाटन थाने के अलावा एसपी दुर्ग और कलेक्टर के समक्ष भी शिकायत की। कार्रवाई नहीं होने पर मामला न्यायालय तक पहुंचा।
कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाटन ने 2 फरवरी 2023 को धारा 156(3) के तहत पुलिस को अपराध दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद पाटन थाने में अपराध क्रमांक 42/2023 दर्ज किया गया। पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और 34 के तहत जांच शुरू की।
नामांतरण के दौरान भी उठा विवाद
रजिस्ट्री के बाद जमीन के नामांतरण के लिए भी आवेदन किया गया था। नायब तहसीलदार जामगांव (आर) न्यायालय में इस पर कार्रवाई हुई और 30 मार्च 2022 को नामांतरण प्रमाणीकरण को लेकर आदेश पारित किया गया। इसके खिलाफ अपर कलेक्टर दुर्ग के समक्ष पुनरीक्षण आवेदन भी लगाया गया।
एक आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार इस मामले में ईश्वर दास को 7 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। वहीं दिलीप बंजारे और कन्हैया बंजारे रजिस्ट्री के बाद से फरार चल रहे थे। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर निगरानी के बाद 19 अगस्त 2026 को दोनों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
जेल भेजे गए दोनों आरोपी
दिलीप बंजारे (51), निवासी सिरसाकला और कन्हैया बंजारे (52), निवासी भिलाई-3 को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस अब फर्जी पहचान, रजिस्ट्री में इस्तेमाल दस्तावेजों, नामांतरण की प्रक्रिया और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।