अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित इलाके में घुसे थे युवक, झाड़ियों से निकलकर बाघिन ने किया हमला; शावकों की मौजूदगी से आक्रामक होने की आशंका
मुंगेली । अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में जंगल से करील-पुटू (मशरूम) बीनने गए एक युवक की बाघिन के हमले में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक अपने चार साथियों के साथ टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गया था। इसी दौरान झाड़ियों में मौजूद बाघिन ने अचानक हमला कर दिया और युवक की गर्दन अपने जबड़ों में दबोच ली। गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान ग्राम बांधा निवासी धरमजीत घृतलहरे (25) के रूप में हुई है। वह सोमवार को भानु प्रताप, शिवशंकर ध्रुव, दशरथ धृतलहरे और रामफल धृतलहरे के साथ जंगल में पुटू लेने गया था। घटना की पुष्टि अचानकमार टाइगर रिजर्व के एसडीओ समीर जोनाथन ने की है।
झाड़ियों में घात लगाकर बैठी थी बाघिन
जानकारी के अनुसार, पांचों युवक जंगल के घने हिस्से में पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक बाघिन ने धरमजीत पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाघिन ने युवक की गर्दन को जबड़ों में दबोच लिया। बाघिन के आक्रामक व्यवहार के कारण उसके साथी उसे बचाने के लिए आगे नहीं बढ़ सके। कुछ देर बाद बाघिन वहां से चली गई, लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद साथियों ने तत्काल वन विभाग और मृतक के परिजनों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
शावकों के चलते बाघिन के आक्रामक होने की आशंका
वन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में दो से तीन बाघों की सक्रियता बनी हुई है। इनमें एक बाघिन ने हाल ही में शावकों को जन्म दिया है। शावकों की सुरक्षा को लेकर बाघिन अपने इलाके में अधिक आक्रामक हो सकती है। वन अधिकारियों का मानना है कि जंगल में लोगों की मौजूदगी को खतरा मानकर बाघिन ने हमला किया होगा।
प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश से बचने की अपील
घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित और संवेदनशील इलाकों में प्रवेश नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। वन्यजीवों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में गश्त भी बढ़ाई गई है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में पुटू, लकड़ी या अन्य वन उपज लेने के लिए जोखिम उठाकर अंदरूनी इलाकों में न जाएं। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि घटना ATR के प्रतिबंधित क्षेत्र में हुई है। ऐसे इलाकों में प्रवेश करने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ जाती है।