बालाकोट के बाद पाकिस्तानी F-16 को मार गिराने की कार्रवाई में रहे थे शामिल; 60 घंटे पाकिस्तान की हिरासत में रहने के बाद लौटे थे भारत
नई दिल्ली (ए)। बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराने वाले पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्तमान ने भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्ति ले ली है। करीब दो दशक तक सैन्य सेवा में रहने के बाद अब वह कॉमर्शियल पायलट के रूप में नई पारी शुरू करेंगे। उन्होंने अगस्त में गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई-91 से जुड़कर यात्री विमान उड़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
अभिनंदन ने 31 मार्च 2026 को वायुसेना की सेवा छोड़ी। सैन्य करियर के दौरान वह MiG-21 बाइसन उड़ाते थे। 27 फरवरी 2019 को भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई टकराव के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी F-16 का पीछा कर उसे मार गिराया था। इसी कार्रवाई में उनका MiG-21 भी मिसाइल की चपेट में आ गया था।
विमान क्षतिग्रस्त होने के बाद अभिनंदन ने इजेक्ट किया और पैराशूट से पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में जा उतरे। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। करीब 60 घंटे बाद 1 मार्च 2019 को वह अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भारत लौटे।
वीरता के लिए मिला वीर चक्र
हवाई कार्रवाई में साहस और अदम्य जज्बे के लिए अभिनंदन को वर्ष 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया गया। आधिकारिक प्रशस्ति-पत्र में उनकी बहादुरी और विपरीत परिस्थितियों में दुश्मन के विमानों का सामना करने का उल्लेख किया गया था।
पुलवामा हमले के बाद बढ़ा था तनाव
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की। अगले दिन पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय सीमा की ओर बढ़ने की कोशिश की थी। इसी दौरान श्रीनगर में तैनात अभिनंदन को उन्हें रोकने के लिए भेजा गया था।
अब सिविल एविएशन में नई भूमिका
वायुसेना के पायलटों को सैन्य सेवा के बाद सिविल एविएशन में जाने का विकल्प मिलता है। इसके लिए DGCA के नियमों के तहत जरूरी लाइसेंस, प्रशिक्षण और मेडिकल फिटनेस पूरी करनी होती है। किसी खास यात्री विमान को उड़ाने के लिए संबंधित टाइप रेटिंग और प्रशिक्षण भी आवश्यक होता है।
फ्लाई-91 ने मार्च 2024 में कॉमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं। एयरलाइन के बेड़े में छह ATR 72-600 विमान हैं और इसके प्रमुख संचालन केंद्र गोवा तथा हैदराबाद में हैं।