बलरामपुर में स्कूल बंद, पोंडी बचरा में 14 सेमी बारिश; गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी, गंगरेल के दो गेट खुले
रायपुर। उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। सरगुजा और बिलासपुर संभाग में बीते 24 घंटे के दौरान हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
सरगुजा के पोंडी बचरा में सबसे अधिक 14 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार पानी गिरने से बलरामपुर जिले में स्कूलों में अवकाश घोषित करना पड़ा। वहीं अंबिकापुर के कई रिहायशी इलाकों में नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया।
बिलासपुर में तापमान में गिरावट
लगातार बारिश का असर बिलासपुर के तापमान पर भी पड़ा है। यहां दिन और रात के तापमान में अंतर बेहद कम हो गया। मौसम में ठंडक बढ़ने से लोगों को सितंबर की शुरुआत में ही ठिठुरन का अहसास होने लगा है।
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में 27 अगस्त से 2 सितंबर के बीच 70.4 मिलीमीटर यानी करीब 2.77 इंच बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 30 अगस्त को सबसे ज्यादा 29.4 मिलीमीटर पानी बरसा।
24 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 24 जिलों में आज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। बस्तर संभाग में भी 2 से 6 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
गंगरेल के दो गेट खोले
लगातार बारिश और जलभराव के बीच प्रदेश के प्रमुख गंगरेल बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं। बांध से 4 हजार क्यूसेक से अधिक पानी रुद्री बैराज की ओर छोड़ा गया है। जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है।