पटना में खतरे के निशान से 2 फीट ऊपर बह रही गंगा, यूपी में 2,910 लोग विस्थापित; हिमाचल में भूस्खलन से 175 से ज्यादा सड़कें बंद
नई दिल्ली (ए)। देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब दो फीट ऊपर बह रही है। राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि आठ नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
बीते दो दिनों से बिहार के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। नदियों में बढ़ते पानी के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
काशी में वरुणा का बढ़ा पानी, 407 परिवारों ने छोड़े घर
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में वरुणा नदी के किनारे रहने वाले 407 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अब तक 2,910 लोगों को बाढ़ के कारण अपना घर छोड़ना पड़ा है।
राहत एवं बचाव कार्य को गति देने के लिए प्रशासन ने 36 नावों को तैनात किया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
हिमाचल में भूस्खलन से थमा यातायात
हिमाचल प्रदेश में बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। इसके चलते प्रदेश में 175 से अधिक सड़कें बंद हो गईं। सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है।
कालका-शिमला फोरलेन पर भी भारी मात्रा में मलबा गिरने से आवाजाही बाधित हुई। कई वाहन रातभर रास्ते में फंसे रहे। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें सड़क मार्गों को बहाल करने में जुटी हैं।
लगातार बारिश के कारण बिहार, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।