4 से 9 सितंबर तक मैच सिमुलेशन में उतरेंगे बुमराह, हर्षित, सुंदर और नीतीश; फिटनेस पास होने पर ही मिलेगा खेलने का मौका
अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी-20 सीरीज से पहले टीम इंडिया के चार खिलाड़ियों की फिटनेस परखी जाएगी। जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी 4 से 9 सितंबर तक BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मैच सिमुलेशन टेस्ट से गुजरेंगे। मेडिकल टीम ने चारों को क्लिनिकली फिट बताया है, लेकिन अंतिम क्लीयरेंस प्रैक्टिस मैचों के प्रदर्शन के बाद दिया जाएगा।
नई दिल्ली (ए)। अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज से पहले भारतीय टीम के चार खिलाड़ियों की फिटनेस की कड़ी परीक्षा होगी। जसप्रीत बुमराह के साथ हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी 4 से 9 सितंबर के बीच मैच सिमुलेशन में हिस्सा लेंगे। BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में होने वाले इन मुकाबलों के जरिए खिलाड़ियों की मैच फिटनेस और शरीर पर पड़ने वाले भार का आकलन किया जाएगा।
मेडिकल जांच में फिट, अब मैच में परखी जाएगी क्षमता
CoE की मेडिकल टीम पिछले सप्ताह चयनकर्ताओं को रिपोर्ट सौंप चुकी है। इसमें चारों खिलाड़ियों को क्लिनिकली फिट बताया गया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में वापसी से पहले उन्हें प्रैक्टिस मैचों में अपना फिटनेस स्तर साबित करना होगा। CoE को उम्मीद है कि चारों खिलाड़ी अफगानिस्तान सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे।
बुमराह पर सबसे ज्यादा नजर
बुमराह को अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनका चयन अंतिम फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन है। घुटने की चोट के कारण वह हालिया मुकाबलों से बाहर रहे हैं। चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।
बुमराह की जगह जरूरत पड़ने पर प्रिंस यादव को बैकअप विकल्प के तौर पर तैयार रखा गया है। प्रिंस को भी फिट घोषित किया जा चुका है और वह चयन के लिए उपलब्ध हैं।
टेस्ट वापसी से पहले भी अग्निपरीक्षा
टीम मैनेजमेंट की नजर केवल बुमराह की टी-20 वापसी पर नहीं है। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले उन्हें फर्स्ट क्लास क्रिकेट का मैच खिलाने पर भी विचार किया जा रहा है। लंबे स्पेल और पूरे मैच का भार उनकी फिटनेस के लिए अहम माना जा रहा है। बुमराह ने पिछले नवंबर के बाद से रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है।
लगातार चोटों ने बढ़ाई चिंता
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने के बीच BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका भी चर्चा में रही है। हाल में BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने भी व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर और खिलाड़ियों पर पड़ने वाले दबाव का जिक्र किया था। भविष्य में खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम और तैयारी का समय देने पर जोर दिए जाने की संभावना है।
नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज से पहले भारतीय टीम के चार खिलाड़ियों की फिटनेस की कड़ी परीक्षा होगी। जसप्रीत बुमराह के साथ हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी 4 से 9 सितंबर के बीच मैच सिमुलेशन में हिस्सा लेंगे। BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में होने वाले इन मुकाबलों के जरिए खिलाड़ियों की मैच फिटनेस और शरीर पर पड़ने वाले भार का आकलन किया जाएगा।
मेडिकल जांच में फिट, अब मैच में परखी जाएगी क्षमता
CoE की मेडिकल टीम पिछले सप्ताह चयनकर्ताओं को रिपोर्ट सौंप चुकी है। इसमें चारों खिलाड़ियों को क्लिनिकली फिट बताया गया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में वापसी से पहले उन्हें प्रैक्टिस मैचों में अपना फिटनेस स्तर साबित करना होगा। CoE को उम्मीद है कि चारों खिलाड़ी अफगानिस्तान सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे।
बुमराह पर सबसे ज्यादा नजर
बुमराह को अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनका चयन अंतिम फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन है। घुटने की चोट के कारण वह हालिया मुकाबलों से बाहर रहे हैं। चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।
बुमराह की जगह जरूरत पड़ने पर प्रिंस यादव को बैकअप विकल्प के तौर पर तैयार रखा गया है। प्रिंस को भी फिट घोषित किया जा चुका है और वह चयन के लिए उपलब्ध हैं।
टेस्ट वापसी से पहले भी अग्निपरीक्षा
टीम मैनेजमेंट की नजर केवल बुमराह की टी-20 वापसी पर नहीं है। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले उन्हें फर्स्ट क्लास क्रिकेट का मैच खिलाने पर भी विचार किया जा रहा है। लंबे स्पेल और पूरे मैच का भार उनकी फिटनेस के लिए अहम माना जा रहा है। बुमराह ने पिछले नवंबर के बाद से रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है।
लगातार चोटों ने बढ़ाई चिंता
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने के बीच BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका भी चर्चा में रही है। हाल में BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने भी व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर और खिलाड़ियों पर पड़ने वाले दबाव का जिक्र किया था। भविष्य में खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम और तैयारी का समय देने पर जोर दिए जाने की संभावना है।