जंतर-मंतर की घटना को लेकर प्रदर्शन; वायरल वीडियो में आरोपी के कथित कबूलनामे पर पार्टी ने उठाए सवाल
नई दिल्ली (ए)। जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में शुक्रवार को पार्टी ने पुलिस पर दबाव बनाया। CJP कार्यकर्ताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधिकारियों ने CJP प्रतिनिधियों से बातचीत की। पार्टी के अनुसार, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई और 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
डेढ़ महीने बाद फिर उठा मामला
संजय कुमार की शिकायत पर घटना के बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज किया गया था। नीशू आजाद का आरोप है कि उनके पिता के सिर में चोट लगी थी और लंबे समय बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर CJP ने प्रदर्शन किया।
आरोपी ने बताया- आत्मरक्षा में उठाया कदम
मामले को लेकर सामने आए एक वायरल पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज संजय कुमार पर हमला करने की बात कहते दिखाई देते हैं। हालांकि उनका पक्ष है कि उन्होंने हमला नहीं किया, बल्कि खुद को बचाने के लिए कार्रवाई की थी।
भारद्वाज के मुताबिक, उस समय 10 से 15 लोगों ने उन्हें घेर रखा था और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था। उनका दावा है कि इसी परिस्थिति में उन्होंने आत्मरक्षा में कदम उठाया।
पुलिस ने चोट को बताया साधारण
दिल्ली पुलिस ने मामले में अलग तथ्य सामने रखे हैं। पुलिस के मुताबिक संजय कुमार के सिर पर कड़े से चोट लगी थी और उन्हें RML अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था। मेडिको-लीगल रिपोर्ट में चोट साधारण पाई गई।
पुलिस ने सिर फटने और खोपड़ी में फ्रैक्चर होने की बात को गलत बताया है। पुलिस के मुताबिक सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को घटना के बाद हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के लिए दोनों को नोटिस भी दिए गए।
अब गिरफ्तारी और चार्जशीट पर नजर
प्रदर्शन के दौरान CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका को बैरिकेडिंग पर पुलिस ने रोका। बाद में उन्हें और सौरव दास को थाने के भीतर जाने दिया गया। पार्टी ने आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस से स्पष्ट कार्रवाई की मांग की।
पुलिस का कहना है कि जांच में जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है और जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। प्रदर्शन के बाद अब पुलिस के 72 घंटे के आश्वासन के तहत होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।