जन्माष्टमी और गणेश उत्सव को लेकर 50 से ज्यादा DJ संचालकों को निर्देश, नियम तोड़ने पर आयोजक भी होंगे जिम्मेदार
राजनांदगांव। आगामी जन्माष्टमी और गणेश उत्सव को देखते हुए राजनांदगांव पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस ने 50 से अधिक DJ संचालकों की बैठक लेकर रात 10 बजे के बाद DJ नहीं बजाने और निर्धारित डेसीबल में ही साउंड सिस्टम चलाने के निर्देश दिए। पुलिस ने साफ किया कि नियमों की अनदेखी करने पर किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।
जन संवाद कक्ष में हुई बैठक में पुलिस अधिकारियों ने DJ संचालकों को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन ने की। अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के दौरान धार्मिक आयोजनों की अनुमति है, लेकिन इससे आम लोगों की शांति और स्वास्थ्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
रात में DJ बजाने की अनुमति नहीं
पुलिस के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। दिन में भी DJ और साउंड सिस्टम को निर्धारित डेसीबल सीमा में ही चलाना होगा। कार्यक्रम के लिए जरूरी अनुमति और तय समय का पालन भी अनिवार्य रहेगा।
संवेदनशील इलाकों में तेज आवाज पर रोक
स्कूल, कॉलेज, अस्पताल सहित संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास तेज आवाज में DJ या साउंड सिस्टम बजाने पर विशेष रूप से रोक रहेगी। आयोजकों को कार्यक्रम स्थल पर आवश्यकता से अधिक DJ बॉक्स और स्पीकर लगाने की अनुमति भी नहीं होगी।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने पर DJ संचालक के साथ संबंधित आयोजक भी कार्रवाई के दायरे में आएगा। पुलिस ने कहा कि त्योहार सामाजिक सौहार्द और आस्था के प्रतीक हैं, इसलिए उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था के साथ आम लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखना जरूरी है।
बैठक में मौजूद DJ संचालकों ने पुलिस प्रशासन के निर्देशों पर सहमति जताई। संचालकों ने निर्धारित समय, अनुमति और ध्वनि सीमा के अनुरूप ही DJ चलाने का आश्वासन दिया।