मिर्जापुर में पुल और फर्रुखाबाद में हाईवे पानी में डूबा, दमोह की कई कॉलोनियों में भरा पानी; बिहार में 44 लाख लोग प्रभावित
नई दिल्ली (ए)। देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर परेशानी का कारण बन गया है। उत्तराखंड के केदारनाथ में बादल फटने के बाद भूस्खलन से पैदल मार्ग पर बड़े-बड़े बोल्डर आ गए, जिससे रास्ता बंद हो गया। उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं और 26 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश के दमोह में कई इलाकों में पानी भर गया है, जबकि बिहार में 14 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 44 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
उत्तराखंड के केदारनाथ क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। बादल फटने के बाद इलाके में तेज बारिश हुई और इसके साथ ही भूस्खलन की घटना सामने आई। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित हो गया। मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। राज्य में यलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका है।

उत्तर प्रदेश में 26 जिले बाढ़ की चपेट में
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा, यमुना समेत 10 से अधिक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राज्य के 26 जिलों में बाढ़ का असर बताया गया है और 4 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। मिर्जापुर में पानी बढ़ने से एक पुल डूब गया, जबकि फर्रुखाबाद में हाईवे पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून
मध्य प्रदेश में करीब तीन दिन के अंतराल के बाद मानसूनी गतिविधियां दोबारा तेज हुई हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार रात भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा में बारिश हुई। दमोह में बारिश और जलभराव के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शहर की कई कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार में 44 लाख लोग प्रभावित
बिहार में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 14 जिलों में बाढ़ का असर है और करीब 2,360 गांव प्रभावित हुए हैं। अनुमान के मुताबिक लगभग 44 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं 27,954 लोगों को राहत शिविरों में शरण दी गई है।
हिमाचल में मानसून कमजोर
हिमाचल प्रदेश में इसके विपरीत मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। पिछले एक सप्ताह में राज्य में सामान्य से 56 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। 3 से 10 सितंबर के बीच जहां सामान्य बारिश करीब 40 मिमी होती है, वहीं इस बार केवल 17.5 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
हरियाणा में उमस और गर्मी बढ़ी
हरियाणा में मानसूनी गतिविधियों में कमी के बीच गर्मी और उमस बढ़ गई है। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह सामान्य से करीब 3.2 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मानसूनी हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की संभावना के बीच मौसम पर नजर रखी जा रही है।