स्कूल से निकलने के बाद दो साथियों के साथ चले गए थे तीनों बच्चे, पुलिस ने स्कूल से पावर हाउस स्टेशन तक खंगाले सीसीटीवी फुटेज
भिलाई। स्कूल जाने के लिए घर से निकले तीन नाबालिग बच्चों के अचानक लापता होने की सूचना से परिजनों में चिंता फैल गई। मामले की जानकारी मिलते ही छावनी पुलिस ने बिना देरी किए बच्चों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर पतासाजी के साथ स्कूल से पावर हाउस रेलवे स्टेशन तक के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। लगातार किए गए प्रयासों और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तीनों बच्चों को करीब 6 घंटे के भीतर डोंगरगढ़ मंदिर के पास से सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस के अनुसार, तीनों नाबालिग 10 सितंबर को नियमित रूप से स्कूल जाने के लिए अपने घर से निकले थे। वे स्कूल भी पहुंचे, लेकिन बाद में दो अन्य साथियों के साथ वहां से कहीं चले गए। निर्धारित समय पर बच्चों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर मामले की सूचना छावनी थाना पुलिस को दी गई।
बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया। टीमों ने बच्चों के संभावित ठिकानों के साथ आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ और पतासाजी शुरू की। इस दौरान पुलिस ने स्कूल परिसर से लेकर पावर हाउस रेलवे स्टेशन तक लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच की।
फुटेज में बच्चों की गतिविधियों और उनके संभावित रास्ते की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसी दिशा में अपनी तलाश तेज कर दी। संभावित गंतव्य की जानकारी जुटाने के साथ पुलिस टीम ने लगातार समन्वय बनाए रखा। कई घंटे की मशक्कत के बाद बच्चों की लोकेशन डोंगरगढ़ क्षेत्र में मिलने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद पुलिस टीम ने डोंगरगढ़ पहुंचकर मंदिर के आसपास तलाश की और तीनों नाबालिगों को रात्रि करीब 2:30 बजे सकुशल बरामद कर लिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने की जानकारी जैसे ही परिजनों को दी गई, उनकी चिंता दूर हुई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद तीनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
छावनी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज के व्यवस्थित विश्लेषण और लगातार की गई पतासाजी के चलते तीनों नाबालिगों को कम समय में सुरक्षित बरामद किया जा सका।