डीडी नगर पुलिस की कार्रवाई, आरोपियों से पूछताछ में सामने आया नाम; सिरप-कैप्सूल की खेप पहुंचाने का आरोप
रायपुर। शहर में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई करने वाले नेटवर्क की जांच में उत्तर प्रदेश कनेक्शन सामने आया है। डीडी नगर थाना पुलिस ने नशीली दवाओं की सप्लाई के मामले में जौनपुर से 23 वर्षीय ऋषभ सोनकर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ऋषभ रायपुर में नशीली दवाओं की खेप पहुंचाने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और जौनपुर में बैठकर सप्लाई का काम संचालित कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किया है। अब मोबाइल में मौजूद संपर्क, बातचीत और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और मोबाइल की जांच से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
तालाब के पास पकड़े गए थे दो युवक
मामले की शुरुआत 27 जुलाई 2026 को हुई थी। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और डीडी नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने रायपुरा स्थित गढ़ही तालाब के पास कार्रवाई की थी। इस दौरान पुलिस ने छन्नू वर्मा (21) और राहुल देव सारवा (20) को पकड़ा था।
तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से 52 नग कोडिस्टार एंड एनएफ सिरप तथा 75 नग स्पास्मो एंड प्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल बरामद किए गए थे। इन दवाओं के संबंध में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में खुला सप्लायर का राज
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने यह जानने की कोशिश की कि नशीली दवाओं की खेप उन्हें कहां से मिलती थी। इसी दौरान जौनपुर निवासी ऋषभ सोनकर का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश में उसकी तलाश शुरू की।
इसके बाद पुलिस टीम ने जौनपुर पहुंचकर दबिश दी और ऋषभ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे यह पता लगाने में जुटी है कि वह प्रतिबंधित दवाएं कहां से हासिल करता था और रायपुर में किन लोगों को इसकी आपूर्ति करता था।
नेटवर्क में और लोगों की तलाश
ऋषभ के मोबाइल फोन की जांच के साथ ही पुलिस उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नशीली दवाओं की सप्लाई का नेटवर्क रायपुर के अलावा अन्य क्षेत्रों तक फैला है या नहीं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आगे की पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।