एवाईसी भिलाई और आईसीएआई की भिलाई शाखा का संयुक्त आयोजन, एसएसपी व साइबर सेल के विशेषज्ञ देंगे व्यावहारिक जानकारी
कारोबार में बैंकिंग, भुगतान, जीएसटी, ई-मेल, वाट्सऐप और जरूरी दस्तावेजों का डिजिटल इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर ठगी का खतरा भी बढ़ गया है। कारोबारियों और उनकी टीमों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, हैकिंग और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए एवाईसी भिलाई–टीम अभ्युदय 2026-27 एवं भिलाई शाखा सीआईआरसी, आईसीएआई की ओर से 18 सितंबर को बीआईटी, दुर्ग में विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया जाएगा।
भिलाई। डिजिटल माध्यमों पर बढ़ती कारोबारी निर्भरता के बीच साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं रह गया है, बल्कि प्रत्येक व्यवसाय के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था बन गई है। इसी उद्देश्य से आयोजित होने वाले इस सत्र में कारोबारियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी जाएगी।
सत्र में विशेषज्ञ फर्जी फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, ई-मेल, ऑनलाइन भुगतान और अन्य डिजिटल माध्यमों से होने वाली ठगी की पहचान करने के तरीके बताएंगे। इसके साथ ही बैंक खातों, ऑनलाइन लेनदेन, कारोबारी दस्तावेजों और महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी को सुरक्षित रखने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
व्यवसायिक संस्थानों में कर्मचारियों की छोटी सी साइबर चूक कई बार बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने, पासवर्ड एवं खातों की सुरक्षा बनाए रखने तथा संवेदनशील कारोबारी जानकारी को सुरक्षित रखने संबंधी जरूरी सावधानियों पर भी जानकारी दी जाएगी।
सत्र के दौरान साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी भी दी जाएगी। प्रतिभागियों को बताया जाएगा कि घटना के बाद किस तरह तत्काल कार्रवाई करें और संबंधित एजेंसियों से किस प्रकार संपर्क किया जाए।
आयोजकों के अनुसार, एसएसपी दुर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग और साइबर सेल दुर्ग के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करते हुए साइबर अपराध के वास्तविक मामलों और उनसे बचाव के व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी देंगे। इससे कारोबारियों को अपने संस्थान में साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। आयोजन 18 सितंबर को बीआईटी दुर्ग में रखा गया है। नेटवर्किंग एवं जलपान: शाम 3:30 बजे, कार्यक्रम शाम 4 बजे से प्रारंभ होगा जिसमें प्रवेश नि:शुल्क है ।