वेस्टइंडीज से 24 रन की शिकस्त के बाद पूर्व कप्तान ने फुलटॉस और खराब लेंथ पर उठाए सवाल, शमार जोसेफ के व्यवहार पर भी जताई नाराजगी
हैदराबाद (ए)। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की हार के बाद पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भारतीय गेंदबाज सही लाइन-लेंथ से गेंदबाजी नहीं कर सके और कई फुलटॉस डालकर विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका दिया। ऐसे में हार का ठीकरा पिच पर फोड़ना उचित नहीं है। गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ के अर्शदीप सिंह के खिलाफ लगातार बाउंसर डालने के रवैये पर भी आपत्ति जताई।
खराब गेंदबाजी को बताया हार की बड़ी वजह
गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि भारतीय गेंदबाजों की गलतियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। उनके मुताबिक, पिच को लेकर शिकायत करने के बजाय गेंदबाजों को अपनी रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। यदि गेंदबाज फुलटॉस या गलत लेंथ की गेंदें डालते हैं, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि गेंदबाजों को परिस्थितियों के अनुसार सही जगह गेंद डालनी चाहिए थी। दूसरी ओर, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बेहतर लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया।
पिच से मिली मदद का फायदा नहीं उठा सके भारतीय गेंदबाज
हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की दोबारा तैयार की गई पिच को लेकर खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ गेंदें सतह पर रुककर आ रही थीं और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज इन परिस्थितियों का पूरा लाभ नहीं उठा सके।
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी स्वीकार किया कि गेंदबाजी के दौरान रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। इससे पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच संतुलित मुकाबला देखने को मिले।
शमार जोसेफ के रवैये पर भी उठाए सवाल
गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की खेल भावना पर भी सवाल उठाए। मुकाबले के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद भी उन्होंने अर्शदीप को निशाना बनाते हुए एक और बाउंसर फेंकी।
गावस्कर की आपत्ति इसी व्यवहार को लेकर थी। उनके मुताबिक, मैदान पर आक्रामक क्रिकेट खेलना अलग बात है, लेकिन किसी बल्लेबाज को चोट लगने के बाद भी लगातार शरीर को निशाना बनाकर गेंदबाजी करने के रवैये पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
भारत को इस मुकाबले में 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। गावस्कर की टिप्पणी ने एक बार फिर भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और दबाव के समय प्रदर्शन करने की क्षमता पर चर्चा तेज कर दी है।