रायपुर में कल से भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज; कप्तान ने कहा- अगले तीन महीने में टीम के नए मानक तय करना प्राथमिकता
रायपुर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना ने साफ किया है कि कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उनकी बल्लेबाजी की शैली में बदलाव नहीं आएगा। वह पहले की तरह अपने स्वाभाविक अंदाज में शॉट खेलेंगी और टीम के लिए रन बनाने पर ध्यान देंगी। भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज 16 अक्टूबर से नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होगी। सीरीज से पहले स्मृति ने कहा कि टीम के लिए अगले तीन महीने काफी अहम हैं और इस दौरान प्रदर्शन के नए मानक स्थापित करने पर जोर रहेगा।
कप्तानी की खबर उसी दिन मिली
स्मृति मंधाना ने बताया कि उन्हें कप्तान बनाए जाने की जानकारी उसी दिन मिली, जिस दिन यह खबर सार्वजनिक हुई। हालांकि, इससे एक दिन पहले टीम की बैठक हुई थी। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर के अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत ने करीब 10 साल तक भारतीय टीम की कप्तानी की है। उनके अनुभव से टीम को काफी कुछ सीखने का अवसर मिलेगा।
स्मृति के अनुसार, हरमनप्रीत और कोच के साथ अगले दो-तीन वर्षों में होने वाले बड़े टूर्नामेंटों की तैयारियों और टीम की रणनीति को लेकर चर्चा हुई है। टीम का लक्ष्य सिर्फ आगामी सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए मजबूत आधार तैयार करना भी है।
बल्लेबाजी के समय ध्यान सिर्फ रन बनाने पर
नई कप्तान ने कहा कि मैदान पर फील्डिंग करते समय वह कप्तान की जिम्मेदारी निभाएंगी, लेकिन बल्लेबाजी के लिए उतरते ही उनका ध्यान रन बनाने पर रहेगा। वह गेंद अपने शॉट के दायरे में होने पर उसे खेलने से पीछे नहीं हटेंगी।
उन्होंने अपने बचपन के कोच की सीख भी साझा की। स्मृति के मुताबिक, जब वह 15 साल की थीं, तब उनके कोच ने उन्हें बल्लेबाजी करते समय कप्तान जैसी जिम्मेदारी के साथ खेलने की सलाह दी थी। इस सीख ने उन्हें परिस्थितियों के अनुसार जिम्मेदारी लेने और अपने खेल पर भरोसा बनाए रखने में मदद की।
पिछले वर्ल्ड कप से सबक लेकर सुधार पर जोर
स्मृति ने माना कि पिछले दो टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम नॉकआउट चरण तक नहीं पहुंच सकी थी। यह निराशाजनक जरूर रहा, लेकिन टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है। उनका मानना है कि टी-20 क्रिकेट में छोटी-छोटी कमियों को दूर करके भी प्रदर्शन में बड़ा सुधार किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी, फील्डिंग और फिटनेस के हर पहलू पर काम कर रही है। इन क्षेत्रों में करीब 10 प्रतिशत सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि बड़े मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन बेहतर हो सके।
ओस को ध्यान में रखकर तय होगी रणनीति
रायपुर की परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए स्मृति ने कहा कि यहां की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल मानी जाती है, लेकिन शाम के समय ओस गेंदबाजों के सामने चुनौती खड़ी कर सकती है। गेंद गीली होने से उस पर नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। इसलिए टीम संयोजन तय करते समय मौसम और ओस के प्रभाव को ध्यान में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि आगामी बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम को छह टी-20 मुकाबले खेलने हैं। इन मैचों के जरिए खिलाड़ियों को अपनी तैयारियों को परखने, रणनीति मजबूत करने और अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
जिम्बाब्वे से खेल का आनंद लेने की सीख
स्मृति ने जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज को खास बताते हुए कहा कि भारतीय टीम का उद्देश्य केवल मैच जीतना नहीं, बल्कि एक टीम के रूप में अपनी पहचान और खेलने के मानक तय करना भी है। उन्होंने यह भी कहा कि पेशेवर क्रिकेट में खिलाड़ी कई बार रणनीतियों और तकनीकी पहलुओं में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि खेल का आनंद लेना पीछे छूट जाता है।
उनके अनुसार, जिम्बाब्वे और अन्य एसोसिएट देशों की टीमों से खेल के प्रति सहजता और आनंद लेने की सीख मिल सकती है। भारत और जिम्बाब्वे के बीच सीरीज के मुकाबले 16, 18 और 20 अक्टूबर को शाम 7 बजे से खेले जाएंगे। सभी मैच नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होंगे।