दूसरी तिमाही में ब्याज आय 10% बढ़ी, फंसे कर्ज में भी सुधार; डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा का इस्तीफा, नेतृत्व में बदलाव की तैयारी
मुंबई (ए)। एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मुनाफे और कर्ज कारोबार में वृद्धि दर्ज की है। जुलाई से सितंबर के दौरान बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 5% बढ़कर ₹19,510 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बैंक ने ₹18,641 करोड़ का मुनाफा कमाया था। बैंक की ब्याज से होने वाली शुद्ध आय में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि फंसे हुए कर्ज के अनुपात में कमी आई है।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सितंबर तिमाही में करीब 10% बढ़कर ₹34,619 करोड़ रही। एक साल पहले इसी अवधि में यह लगभग ₹31,550 करोड़ थी। ब्याज आय में वृद्धि बैंक के कर्ज कारोबार के विस्तार को दर्शाती है। हालांकि, बैंक का मुनाफा और ब्याज आय बाजार के विश्लेषकों के अनुमानों से मामूली कम रहे। विश्लेषकों ने शुद्ध मुनाफा करीब ₹19,567 करोड़ और शुद्ध ब्याज आय ₹34,861 करोड़ रहने का अनुमान लगाया था।
कर्ज और जमा दोनों में दोहरे अंक की वृद्धि
30 सितंबर 2026 तक बैंक का कुल सकल अग्रिम यानी ग्रॉस एडवांसेज सालाना आधार पर 16.3% बढ़कर ₹32.19 लाख करोड़ पहुंच गया। इस दौरान ग्राहकों की जमा राशि में भी तेजी रही। कुल जमा 18.8% बढ़कर ₹33.27 लाख करोड़ हो गई।
बचत और चालू खातों में जमा राशि यानी कासा (सीएएसए) में सालाना 10.8% की वृद्धि हुई। कुल जमा में इन खातों की हिस्सेदारी 31.6% रही। वहीं, सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट में 22.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कर्ज और जमा दोनों में विस्तार बैंक की कारोबारी गतिविधियों में मजबूती का संकेत देता है।
फंसे कर्ज का अनुपात घटा
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। सितंबर तिमाही में शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (नेट एनपीए) का अनुपात घटकर 0.37% रह गया। जून तिमाही में यह 0.41% और पिछले साल की समान तिमाही में 0.42% था। नेट एनपीए में कमी का अर्थ है कि कुल शुद्ध कर्ज की तुलना में बैंक के फंसे हुए कर्ज का अनुपात कम हुआ है। यह बैंक की ऋण गुणवत्ता के लिहाज से सकारात्मक संकेत है।
प्रबंधन ने जताया आगे सुधार का भरोसा
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन ने कहा कि तिमाही के दौरान बैंक की कमाई का प्रदर्शन अच्छा रहा। खासकर खुदरा ग्राहकों और छोटे कारोबारियों को दिए जाने वाले कर्ज में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आने वाली तिमाही में बैंक के मार्जिन में सुधार की उम्मीद जताई। उनके अनुसार, कर्ज की गुणवत्ता बनाए रखना और वसूली को मजबूत रखना बैंक की प्राथमिकताओं में शामिल है।
नेतृत्व परिवर्तन और डिप्टी एमडी का इस्तीफा
बैंक में प्रबंधन स्तर पर भी बदलाव हो रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अनूप बागची 27 अक्टूबर से नई जिम्मेदारी संभालने वाले हैं। वहीं, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने इस्तीफा दे दिया है। अनूप बागची ने बैंक की ऋण वसूली और कर्ज प्रबंधन को मजबूत बनाए रखने में भरूचा तथा उनकी टीम के योगदान की सराहना की।
शेयर में इस साल 26% से ज्यादा गिरावट
बैंक के वित्तीय नतीजों के बीच शेयर बाजार में इसके प्रदर्शन पर भी निवेशकों की नजर है। वर्ष 2026 में एचडीएफसी बैंक का शेयर 26% से अधिक गिर चुका है। तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को शेयर 0.28% की बढ़त के साथ ₹728.85 पर बंद हुआ था। अब निवेशकों की निगाह बैंक की आगे की वृद्धि, मार्जिन और कर्ज गुणवत्ता के रुझान पर रहेगी।