दशहरा और विसर्जन के लिए दुर्ग पुलिस ने बनाई सुरक्षा योजना, 766 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी; तीन जोन में संभलेगा यातायात, बचाव दल भी रहेंगे तैयार
भिलाई/दुर्ग। दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। 20 और 21 अक्टूबर को जिले में होने वाले आयोजनों के लिए 766 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दशहरा के 174 और प्रतिमा विसर्जन के 532 स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस ने जिले को दो सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी है। इसके साथ ही महिला सुरक्षा, आपातकालीन राहत और अग्निशमन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
आयोजन स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की चुनौती
दशहरा और रावण दहन के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है। वहीं, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शोभायात्राओं और श्रद्धालुओं की आवाजाही से प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इसे देखते हुए पुलिस ने आयोजन स्थलों के साथ प्रमुख चौक-चौराहों और विसर्जन मार्गों पर भी सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
कुल 706 आयोजन एवं विसर्जन स्थलों के लिए तैयार योजना के तहत संबंधित थाना और चौकी क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित आवाजाही पर ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग सेक्टर
पुलिस ने जिले को दो सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था का संचालन तय किया है। सेक्टर-A में दुर्ग और धमधा अनुविभाग शामिल हैं। यहां की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चन्द्रा संभालेंगे। सेक्टर-B में भिलाई और पाटन अनुविभाग को रखा गया है, जिसके प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सोबराज अग्रवाल होंगे।
दोनों सेक्टरों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती और व्यवस्था की निगरानी करेंगे। थाना प्रभारी आयोजन स्थलों पर सुरक्षा की स्थिति पर नजर रखेंगे और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल कार्रवाई करेंगे।
766 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तय
सुरक्षा योजना में जिला स्तर से लेकर थाना और यातायात शाखा तक के बल को शामिल किया गया है। ड्यूटी चार्ट के मुताबिक, जिला स्तर पर 9, थाना स्तर पर 379, रक्षित केंद्र दुर्ग से 275 और यातायात शाखा से 103 अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे।
पुलिसकर्मियों की तैनाती आयोजन स्थलों और प्रमुख मार्गों पर निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार की जाएगी। रावण दहन के समय भीड़ की निगरानी के साथ लोगों के आने-जाने की व्यवस्था संभालना प्राथमिकता होगी।
विसर्जन मार्गों पर यातायात व्यवस्था पर जोर
जिले के 532 प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। विसर्जन के दौरान शोभायात्राओं की आवाजाही, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मार्गों पर भीड़ का प्रबंधन महत्वपूर्ण रहेगा। यातायात शाखा के 103 अधिकारी-कर्मचारियों को तीन जोन में व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।
जरूरत के अनुसार वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। पुलिस ने लोगों से यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने और निर्धारित मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
महिलाओं की सुरक्षा और आपातकालीन इंतजाम
त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए महिला रक्षा टीम तैनात रहेगी। किसी भी शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमों तथा आगजनी से निपटने के लिए अग्निशमन दल को तैयार रखा जाएगा।
कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस के बीच समन्वय के साथ कंट्रोल रूम के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से त्योहार के दौरान संयम बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। पुलिस ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय स्थिति की जानकारी तत्काल देने का आग्रह किया है। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दशहरा, रावण दहन और प्रतिमा विसर्जन के कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों।