कार्तिक अमावस्या पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व, मान्यता है कि गुप्त रूप से किए गए इन उपायों से दूर होती हैं आर्थिक परेशानियां
उज्जैन। दीपावली का पर्व केवल दीपों की रोशनी और खुशियों का त्योहार ही नहीं, बल्कि धन, वैभव और समृद्धि की कामना का भी विशेष अवसर माना जाता है। हिंदू धर्म में कार्तिक अमावस्या की रात को मां लक्ष्मी के आगमन की रात्रि के रूप में देखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली की रात कुछ विशेष उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, दीपावली की रात्रि में कुछ ऐसे पारंपरिक ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं, जिन्हें बिना किसी दिखावे के शांतिपूर्वक करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन उपायों से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-शांति एवं धन-धान्य की वृद्धि होती है।
दीपावली की रात कब करें लक्ष्मी पूजन
इस वर्ष कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से प्रारंभ होकर 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि और धार्मिक परंपराओं के अनुसार दीपावली का पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक निर्धारित बताया गया है।