मुर्शिदाबाद में पथराव, आगजनी और पुलिस पर हमला; लाठीचार्ज और आंसू गैस से हालात पर काबू
देशभर में मंगलवार से वक्फ संशोधन कानून लागू हो गया है, जिसके खिलाफ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में उग्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मुस्लिम संगठनों के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
मुर्शिदाबाद. गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वक्फ संशोधन कानून 9 अप्रैल, मंगलवार से देशभर में लागू कर दिया गया है। यह कानून 2 अप्रैल को लोकसभा, 3 अप्रैल को राज्यसभा से पास हुआ था और 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह लागू हुआ।

लेकिन इसके लागू होते ही पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। स्थानीय मुस्लिम संगठनों ने कानून के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, तब भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों सहित कई वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिसबल तैनात किया गया है और पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, भीड़ ने सड़कों को जाम कर दिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कई अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इस कानून के खिलाफ अब तक सुप्रीम कोर्ट में 12 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस कानून के विरोध में 11 अप्रैल से देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है। केंद्र सरकार का पक्ष है कि वक्फ संशोधन कानून पारदर्शिता और संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए लाया गया है, जबकि आलोचकों का कहना है कि इससे समुदाय के अधिकारों पर अतिक्रमण हो सकता है।
स्थिति पर नजर रखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में इस कानून के खिलाफ विरोध की व्यापकता और स्वरूप पर सरकार की प्रतिक्रिया और क़ानूनी रुख अहम होंगे।