मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने दवा वितरण प्रणाली को किया डिजिटल, पारदर्शिता व जवाबदेही की नई मिसाल
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक के सफल समावेशन की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। ‘औषधि दर्पण’ नामक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से राज्य की दवा आपूर्ति व्यवस्था अब डिजिटल, पारदर्शी और रीयल-टाइम ट्रैकिंग से सुसज्जित हो गई है। यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों तक दवा पहुंचाने, आपूर्ति की निगरानी और स्टॉक प्रबंधन को अधिक कुशल बनाकर आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में बड़ी पहल की है। ‘औषधि दर्पण’ नामक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ कर राज्य ने दवा आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी रूप से सशक्त बना दिया है।
यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) द्वारा विकसित किया गया है और यह ड्रग प्रोक्योरमेंट एंड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (DPDMIS) के अंतर्गत संचालित होता है। इसकी सहायता से अब दवाओं की मांग, आपूर्ति, शिपमेंट, स्टॉक, भंडारण और वितरण की हर जानकारी रीयल-टाइम में मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
ऐप की सबसे अहम विशेषता इसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग और GPS आधारित मॉनिटरिंग है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि दवाएं राज्य के अंतिम छोर तक, विशेषकर दूरस्थ व आदिवासी इलाकों में, समय पर पहुँचें। इससे वितरण प्रणाली न केवल तेज हुई है, बल्कि गड़बड़ियों और बर्बादी पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
‘औषधि दर्पण’ में एकीकृत राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग मॉड्यूल समावेशित है, जो स्वास्थ्य संस्थानों के कार्य निष्पादन पर सतत निगरानी रखता है। इससे शासन की निर्णय क्षमता में सुधार हुआ है और नीति निर्माण अधिक डेटा-आधारित और प्रभावी बन पाया है।
इस तकनीकी नवाचार से डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों को दवाओं की अनुपलब्धता से जुड़ी समस्याओं से राहत मिली है, जिससे वे मरीजों की सेवा गुणवत्ता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।
सीजीएमएससीएल की प्रबंध निदेशक श्रीमती पद्मिनी भोई ने बताया, “’औषधि दर्पण’ न केवल एक तकनीकी प्लेटफॉर्म है, बल्कि यह जनता और सरकार के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी भी बन गया है।”
यह एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध है और इसका उपयोग राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में अनिवार्य कर दिया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए https://dpdmis.in पोर्टल पर विज़िट किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल डिजिटल सुशासन की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण बन रही है, जो अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत हो सकती है।