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ठेका श्रमिकों को राज्य सरकार की दर पर भुगतान, जबकि नियम केंद्रीय सरकार के
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ठेकेदारों की वेलफेयर सोसायटी ने प्रबंधन पर लगाए मनमानी के आरोप
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औद्योगिक शांति भंग होने की चेतावनी, आंदोलन की तैयारी में संगठन
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में ठेका श्रमिकों की समस्याओं को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। कांट्रेक्टर एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी ने आम सभा आयोजित कर प्रबंधन की नीतियों की कड़ी आलोचना की और चेताया कि अगर मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो संयंत्र में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा सकता है।
दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में कार्यरत लगभग 27,000 ठेका श्रमिकों की समस्याओं को लेकर कांट्रेक्टर एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी ने सेक्टर-10 कॉफी हाउस में आमसभा आयोजित की। इस दौरान संयंत्र प्रबंधन की श्रमिक विरोधी नीतियों पर गहरी नाराजगी जाहिर की गई।
सोसायटी के पदाधिकारियों ने कहा कि सेल (SAIL) के अन्य संयंत्रों की तुलना में केवल भिलाई में ही राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दर पर भुगतान किया जा रहा है, जबकि केंद्रीय श्रम कानूनों का अनुपालन ठेकेदारों पर अनिवार्य है। इस व्यवस्था के कारण श्रमिकों को हर महीने हजारों रुपए की आर्थिक क्षति हो रही है।
सभा में यह भी कहा गया कि संयंत्र के नियमित कर्मचारियों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति की अनिवार्यता थोपी गई है, जिसे श्रमिक संगठनों ने शुरू में विरोध किया था। मगर संगठनों में एकता की कमी का फायदा उठाकर प्रबंधन ने इसे लागू करवा लिया। अब यही व्यवस्था ठेका श्रमिकों पर भी लागू करने की तैयारी की जा रही है, जिससे औद्योगिक माहौल अस्थिर होने की आशंका जताई जा रही है।

सोसायटी पदाधिकारियों ने कहा कि भिलाई संयंत्र का उत्पादन ठेका श्रमिकों पर ही निर्भर है, और यदि उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया तो विशाखापत्तनम संयंत्र की तर्ज पर यहां भी बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है। उन्होंने 39 माह से लंबित एरियर के भुगतान और नगर क्षेत्र में खाली पड़े क्वार्टरों को श्रमिकों को देने की मांग दोहराई।
इसके अलावा, प्रत्येक ठेका श्रमिक के लिए 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा, जिसका प्रीमियम सोसायटी खुद वहन कर रही है, एक सराहनीय कदम बताया गया। सदस्यों ने अपने लिए भी 50 लाख तक का बीमा कवर सुनिश्चित करने की मांग रखी। सभा में प्रबंधन को “तुगलकी फरमान” लागू करने से बचने की सलाह दी गई और औद्योगिक शांति को बनाए रखने के लिए श्रमिकों की मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की गई।
सभा की अध्यक्षता सीजू एंथोनी ने की और संचालन में त्रिलोकी सिंह, नवीन सिंह, हितेश भाई पटेल, राजेश अग्रवाल, धीरज शुक्ला, नंदू खंडेलवाल, वी.के. मोहम्मद सहित दर्जनों प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में ठेका श्रमिकों के हित में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।