दुर्ग जिले के वैशाली नगर क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन युवकों ने अपने बैंक खाते किराए पर देकर सट्टे के नेटवर्क को बढ़ावा दिया। वहीं, भाजपा नेता ललित मोहन ने पुलिस पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़े सटोरियों को खुला छोड़कर सिर्फ गरीबों को जेल भेजा जा रहा है।
दुर्ग। ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर क्राइम पर शिकंजा कसते हुए वैशाली नगर पुलिस ने रविवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 युवकों को उनके घरों से गिरफ्तार किया। इन युवकों पर आरोप है कि इन्होंने अपने बैंक खाते सट्टा रैकेट को किराए पर दिए थे, जिनका उपयोग अवैध ट्रांजेक्शन में किया जा रहा था। एक ही रात में 15 अलग-अलग घरों से पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी से वैशाली नगर और शांतिनगर इलाके में हड़कंप मच गया। जैसे ही सूचना मिली, परिवारजन थाने पहुंचे और बच्चों की रिहाई की गुहार लगाई। लेकिन थाना प्रभारी अमित अंदानी ने स्पष्ट कर दिया कि सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई की गई है।
स्थिति को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने भाजपा नेता और पूर्व पार्षद ललित मोहन को बुला लिया। ललित मोहन ने थाने पहुंचकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “केवल गरीब युवकों को पकड़ना और बड़े सट्टेबाजों को छोड़ देना न्यायसंगत नहीं है। असली गुनहगारों तक पहुंचने की बजाय पुलिस दिखावटी कार्रवाई कर रही है।”
उन्होंने कहा कि कई युवकों ने खुद बताया कि गदा चौक निवासी कुणाल सोनी और शास्त्री नगर निवासी कुणाल पटनायक उन्हें बैंक ले जाकर खाता खुलवाए और अपने पास रख लिए। युवकों का कहना है कि उन्हें नहीं बताया गया था कि इन खातों का उपयोग सट्टे के लिए किया जाएगा।
पुलिस फिलहाल मौन, आज हो सकता है बड़ा खुलासा
थाना प्रभारी अमित अंदानी से जब संपर्क किया गया, तो उन्होंने बयान देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मामले का जल्द ही औपचारिक खुलासा किया जाएगा, तभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।