महादेव सट्टा एप का नेटवर्क उजागर; महिला ब्यूटी पार्लर संचालिका के खाते से 5 करोड़ का ट्रांजेक्शन, दिल्ली-बिहार कनेक्शन भी सामने आया
पुलिस ने महादेव सट्टा एप के जरिए साइबर ठगी और अवैध सट्टेबाज़ी में उपयोग हो रहे म्युल खातों पर बड़ी कार्रवाई की है। एक महिला के खाते में करोड़ों का ट्रांजेक्शन सामने आने के बाद इस सट्टा सिंडिकेट के तार दिल्ली, देहरादून और बिहार तक जुड़ते नज़र आ रहे हैं। पुलिस ने 11 नए आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।

भिलाई। भिलाई में म्युल अकाउंट के ज़रिए चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और साइबर फ्रॉड का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। वैशालीनगर थाने की पुलिस ने केनरा बैंक ब्रांच के मैनेजर की शिकायत पर जांच शुरू की थी, जिसमें अब तक 111 संदिग्ध खातों की पहचान हो चुकी है।
पिछले सप्ताह 11 खाताधारकों की गिरफ्तारी के बाद अब 10 और म्युल अकाउंट होल्डर और एक मुख्य खाईवाल को गिरफ्तार किया गया है। पकड़ी गई महिला आरोपी उमा शर्मा ने पूछताछ में बताया कि उसने महज़ ₹700 जमा करके कैनरा बैंक में खाता खुलवाया था, जिसे कुछ लोगों ने उपयोग में लेकर फरवरी महीने में 5 करोड़ रुपए का लेन-देन किया।
यह रकम दिल्ली के खातों में ट्रांसफर की गई। जांच में सामने आया कि उमा के खाते का उपयोग मोनू नामक व्यक्ति ने किया था, लेकिन तलाश के दौरान पुलिस को मोनू के स्थान पर बिहार निवासी नीतीश कुमार मिला। पूछताछ में नीतीश ने कबूल किया कि वह “लोटस”, “रामजनो”, “बप्पा” और “गोविंदा” नामक ऑनलाइन सट्टा पैनल्स का संचालन करता है।

उसने स्वीकार किया कि छत्तीसगढ़ में लोगों से ₹20,000 में बैंक खाता खरीदकर उसे सट्टे के लिए इस्तेमाल किया जाता था। नीतीश के पास से 3 लैपटॉप, 3 मोबाइल, एक कार, 9 एटीएम कार्ड, 8 पासपोर्ट, चेक बुक और एक पासबुक जब्त की गई है। दुर्ग पुलिस अब पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा और आईटी सेल की मदद से गहन जांच में जुटी है।