भूपेश बघेल ने कहा— संविधान की बदौलत बोल पा रहे हैं, भाजपा उसे बदलने की कर रही साजिश; ED-IT की कार्रवाई को बताया डराने की राजनीति
दुर्ग में सोमवार को कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में भाजपा पर सीधा आरोप लगाया गया कि वह संविधान को बदलने की मंशा रखती है। “जय बाबू, जय भीम, जय संविधान” जैसे नारों से शहर की सड़कों पर गूंज सुनाई दी।
दुर्ग। दुर्ग में कांग्रेस ने ‘संविधान बचाओ रैली’ के माध्यम से भाजपा पर सीधा और तीखा हमला बोला। दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर और भिलाई शहर कांग्रेस कमेटियों के संयुक्त आयोजन में आयोजित इस रैली की अगुवाई पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की। राजीव भवन से हिंदी भवन तक निकली इस लगभग दो किलोमीटर की यात्रा में “जय बाबू, जय भीम, जय संविधान” के नारों के साथ भाजपा की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया गया।
अपने संबोधन में भूपेश बघेल ने कहा, “आज हम जो बोल पा रहे हैं, सरकार की आलोचना कर पा रहे हैं, यह सब संविधान की देन है। लेकिन भाजपा उसी संविधान को बदलने की योजना बना रही है क्योंकि वह विरोध को बर्दाश्त नहीं कर सकती।”
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार गरीबों, दलितों, आदिवासियों और महिलाओं को सशक्त करने वाले संविधान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा जातिगत जनगणना को लेकर भी भाजपा की नीयत पर सवाल उठाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के दबाव में दिखावे की राजनीति कर रही है। भूपेश ने कहा, “जब कांग्रेस अंग्रेजों से नहीं डरी, तो इन काले अंग्रेजों से क्या डरेंगे? ED, IT और CBI से डराने की राजनीति अब नहीं चलेगी।” कार्यक्रम में ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, अरुण वोरा, देवेंद्र यादव, मुकेश चंद्राकर समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया और भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
- राजनीतिक धार: भाजपा पर सटीक आरोप और कांग्रेस की स्पष्ट रणनीति को दर्शाया गया।
- जनता से जुड़ाव: नारे और रैली का ग्राउंड इफेक्ट शामिल किया गया।
- स्पष्ट कथानक: कारण, प्रतिक्रिया और विरोध – तीनों का क्रमबद्ध संयोजन।