- श्रद्धालुओं को लेकर उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ दर्दनाक हादसा
- आर्यन एविएशन का हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त
- खराब मौसम को बताया जा रहा है हादसे का कारण, शवों की पहचान मुश्किल
- चारधाम हेली सेवा पर तत्काल प्रभाव से रोक, नियमों में होगा बड़ा बदलाव
उत्तराखंड के केदारनाथ में श्रद्धा की उड़ान एक दिल दहला देने वाले हादसे में बदल गई। रविवार सुबह गौरीकुंड के पास आर्यन एविएशन का एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें पायलट समेत सभी 7 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक 2 साल का मासूम भी शामिल है। हादसे के बाद चारधाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर सेवा पर रोक लगा दी गई है।
उत्तराखंड (ए)। रविवार सुबह उत्तराखंड के केदारनाथ में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। श्रद्धालुओं को लेकर केदारनाथ से गौरीकुंड जा रहा आर्यन एविएशन का हेलिकॉप्टर लगभग 5:20 बजे क्रैश हो गया। इस हादसे में पायलट राजवीर सिंह चौहान सहित सभी 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में महाराष्ट्र का एक दो वर्षीय बच्चा भी शामिल है, जिसने कभी ज़िंदगी की पूरी उड़ान देखी भी नहीं थी।

हेलिकॉप्टर में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के दो-दो यात्री, और उत्तराखंड व गुजरात के एक-एक श्रद्धालु सवार थे। हादसे के बाद गौरीकुंड से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर भेजी गईं। लेकिन आग में बुरी तरह झुलसे शवों की पहचान कर पाना कठिन हो रहा है। अब सभी मृतकों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।

गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने बताया कि घटनास्थल पर सभी शव बुरी तरह जले हुए मिले हैं। इस त्रासदी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के तहत चल रही सभी हेलिकॉप्टर सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब से हेलिकॉप्टर सेवाओं के संचालन के लिए कड़े दिशा-निर्देश बनाए जाएंगे, जिनमें हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की जांच और उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य किया जाएगा। यह कदम भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।