दिल्ली में बिना अनुमति प्रेस कॉन्फ्रेंस, अलग टीम बनाकर कर रहे प्रदर्शन; धमतरी आंदोलन को लेकर उभरा विवाद
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर एक बार फिर अंतर्विरोध उभरकर सामने आया है। पार्टी के एक विधायक द्वारा संगठन से इतर गतिविधियों को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ नेता ने सीधे प्रभारी सचिन पायलट से शिकायत की है। आरोप है कि विधायक अनुशासनहीनता करते हुए अपने स्तर पर निर्णय ले रहे हैं और संगठन को अंधेरे में रख रहे हैं। मामला तब गरमाया जब उन्होंने धमतरी में शिक्षकों के समर्थन में प्रदर्शन किया, जिसकी पार्टी को कोई जानकारी नहीं थी।
रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अनुशासन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एक वरिष्ठ नेता ने प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट को शिकायत भेजकर एक विधायक पर संगठन से अलग दिशा में काम करने और स्वयं को प्रोजेक्ट करने का आरोप लगाया है। बताया गया कि विधायक दिल्ली में अपनी ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं और किसी प्रकार की पूर्व सूचना संगठन को नहीं दी जा रही।
धमतरी में हाल ही में हुए शिक्षक आंदोलन में भी उन्होंने स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर प्रदर्शन किया, जिसकी जानकारी कांग्रेस संगठन को नहीं थी। इस रवैये को संगठनात्मक अनुशासन के विरुद्ध माना जा रहा है।

इस मसले पर जब पायलट से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन संगठन में सुधार की आवश्यकता स्वीकार की। उन्होंने कहा कि हर संगठन में बदलाव की गुंजाइश होती है और कांग्रेस इसमें मंडल स्तर से लेकर शीर्ष तक सुधार के प्रयास में लगी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पायलट ने भाजपा सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों को उनके हाल पर छोड़ चुकी है, खाद की कमी से पूरा प्रदेश जूझ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पुलिस और एजेंसियों का उपयोग कर कांग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है।
सचिन पायलट ने यह भी जानकारी दी कि 7 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में ‘किसान, जवान, संविधान’ जनसभा को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज बनने कांग्रेस को फिर से सड़कों पर उतरना होगा।