धोखाधड़ी कर पहले खरीदार से लिए थे लाखों, फिर दूसरे को बेच दी वही संपत्ति; पुलिस ने जालसाजों को दबोचा, मास्टरमाइंड की तलाश जारी
राजनांदगांव जिले में संपत्ति धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक मकान को दो अलग-अलग पक्षों को बेचकर लाखों की ठगी की गई। मामले में शामिल तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार है। पीड़ित की शिकायत पर अंजोरा पुलिस चौकी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
राजनांदगांव। प्रार्थी संतोष कुमार देशमुख (52), निवासी ग्राम देवादा थाना सोमनी, द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि ग्राम अंजोरा स्थित एक मकान का सौदा तीन आरोपियों—पोषण निषाद, सकुन निषाद और प्रीति निषाद—द्वारा उनसे ₹46 लाख में तय किया गया था। आरोपियों ने ₹20 लाख नकद और चेक के रूप में लेकर रजिस्ट्री का वादा किया, लेकिन तय समय से पहले ही वही मकान एक अन्य व्यक्ति वसीम खान को ₹46.50 लाख में बेचने के लिए 5 लाख की एडवांस राशि लेकर नया इकरारनामा कर दिया।
जानकारी मिलते ही प्रार्थी ने हस्तक्षेप कर संपत्ति की रजिस्ट्री अपने नाम कराने का आग्रह किया, जिस पर वसीम खान और उसकी पत्नी हुस्ना बेगम ने शर्त रखी कि पहले प्रार्थी ₹5 लाख की एडवांस राशि चुकाए। प्रार्थी ने एक और ₹3.30 लाख की राशि दी, लेकिन इसके बावजूद संपत्ति की रजिस्ट्री हुस्ना बेगम के नाम करा दी गई, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। जांच के बाद अंजोरा चौकी में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 196/2025, धारा 420, 120 (बी) भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी हुस्ना बेगम को पूर्व में ही 12 जून 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अन्य आरोपी—पोषण, प्रीति और सकुन निषाद—घटना के बाद से फरार थे, जिन्हें पुलिस ने 24 जून को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूल किया, जिनके कब्जे से ठगी की गई राशि में से केवल ₹5,500 जब्त किए गए हैं। शेष रकम उन्होंने खर्च हो जाना बताया। सभी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। वहीं, मुख्य आरोपी वसीम खान अभी फरार है, जिसकी सरगर्मी से तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी:
- पोषण निषाद पिता स्व. नारायण निषाद (उम्र 25 वर्ष)
- सकुन निषाद पति स्व. नारायण निषाद
- प्रीति निषाद पिता स्व. नारायण निषाद
निवासी: थनौद रोड, अंजोरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)
जब्त राशि:
- पोषण निषाद से ₹2,000
- सकुन निषाद से ₹3,500
कुल ₹5,500