AC में 1000 किमी सफर पर 20 रुपए ज्यादा चुकाने होंगे; तत्काल टिकट के लिए आधार लिंक अनिवार्य
भारतीय रेलवे 1 जुलाई 2025 से यात्री किराए में मामूली बढ़ोतरी करने जा रहा है। करीब 5 वर्षों के अंतराल के बाद यह कदम उठाया जा रहा है ताकि बढ़ती मेंटेनेंस लागत और परिचालन खर्चों को संतुलित किया जा सके। बदलाव से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को थोड़ी अतिरिक्त राशि चुकानी होगी, जबकि छोटे सफर पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा। इस फैसले से हर साल करोड़ों यात्रियों के खर्च पर हल्का असर पड़ेगा।
रेल का सफर अब थोड़ा महंगा होने जा रहा है। भारतीय रेलवे 1 जुलाई 2025 से किराया बढ़ाने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार, नॉन-एसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में प्रति किलोमीटर 1 पैसे और एसी क्लास (2-Tier, 3-Tier) में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की दर से बढ़ोतरी की जाएगी। हालांकि यह बढ़ोतरी मामूली रखी गई है ताकि आम लोगों पर अधिक बोझ न पड़े। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, 1000 किमी की यात्रा पर एसी यात्री को अब 20 रुपए और नॉन-एसी यात्री को 10 रुपए अधिक चुकाने होंगे। छोटी दूरी की यात्राओं (500 किमी तक) पर सेकेंड क्लास यात्रियों को कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा।
रेलवे ने आखिरी बार साल 2020 में यात्री किरायों में संशोधन किया था। इस बार मेंटेनेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा लागत बढ़ने के चलते यह निर्णय लिया गया है।
5 सवालों में समझिए यह बदलाव:
1. किराया बढ़ाने की वजह क्या है?
पिछले 5 वर्षों से टिकट की दरें स्थिर थीं, लेकिन अब रेलवे की परिचालन लागत और संसाधन बढ़ गए हैं। इसीलिए मामूली बढ़ोतरी जरूरी मानी गई है।
2. बढ़ोतरी कितनी होगी?
नॉन-एसी मेल/एक्सप्रेस: 1 पैसा/किमी
एसी क्लास: 2 पैसे/किमी
(1000 किमी पर AC में ₹20 और Non-AC में ₹10 ज्यादा)
3. क्या सभी ट्रेनों पर यह लागू होगा?
नहीं। 500 किमी तक की सेकेंड क्लास यात्रा पर कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
4. जानकारी कहां से मिलेगी?
रेलवे की वेबसाइट www.indianrail.gov.in और IRCTC ऐप पर नई दरों की जानकारी जल्द अपडेट की जाएगी। हेल्पलाइन 139 से भी मदद ली जा सकती है।
5. क्या और भी बदलाव हुए हैं?
हां, 1 जुलाई से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार लिंकिंग अनिवार्य कर दी गई है। 15 जुलाई से OTP आधारित वेरिफिकेशन भी जरूरी होगा। इससे टिकट दलालों पर लगाम लगेगी और असली यात्रियों को टिकट मिल सकेगा।