कोरबा के सेल्फी पॉइंट पर अचानक बढ़ा जलस्तर, बलौदाबाजार में खेत डूबे, बिलासपुर में कालोनियों में घुसा पानी; 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों का टूटा संपर्क
छत्तीसगढ़ में बीते चार दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कोरबा में वाटरफॉल घूमने गए युवाओं को रेस्क्यू टीम ने मुश्किल हालात में बाहर निकाला, वहीं बलौदाबाजार और बिलासपुर में पानी खेतों और कॉलोनियों में घुस गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
रायपुर/कोरबा/बिलासपुर। प्रदेशभर में मूसलधार बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को भी राजधानी रायपुर सहित लगभग सभी जिलों में तेज बारिश हुई। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बलौदाबाजार जिले में खेत पानी में डूब गए हैं, जिससे फसलें प्रभावित हुई हैं।

इसी बीच, कोरबा जिले के देवप्रहरी वाटरफॉल में सोमवार शाम को बड़ा हादसा टल गया। तीन युवतियाँ और दो युवक वाटरफॉल के सेल्फी-पॉइंट पर घूमने गए थे, तभी अचानक जलस्तर बढ़ गया। पांचों युवा बीच धार में फंस गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। राहत और बचाव टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।

उधर, बिलासपुर में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई कॉलोनियों में नालियों का पानी भर गया। सड़कों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं बलरामपुर जिले में गेरांव के पास बांस झर्रा पुल बह जाने से बड़मार क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट:
मंगलवार को मौसम विभाग ने राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद और कांकेर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं रायपुर, धमतरी, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, मुंगेली समेत 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। बीजापुर, कोंडागांव और बस्तर जिलों में यलो अलर्ट जारी है। सरगुजा संभाग में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

बारिश के आँकड़े:
1 जून से 7 जुलाई की शाम तक प्रदेश में औसतन 291.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 447.8 मिमी और बेमेतरा में सबसे कम 113.7 मिमी बारिश हुई है। राजनांदगांव में बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अब तक सिर्फ 94 मिमी वर्षा हुई है, जो औसत से 60% कम है। इसका सीधा असर खरीफ फसल की बुवाई पर पड़ा है। जिले में अब तक केवल 55% क्षेत्र में ही धान की बुवाई हो पाई है, हालांकि सोमवार को हुई रिमझिम बारिश से कुछ राहत मिली है।
अभी और बारिश के आसार:
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदियों-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है।