- Raipur में महिला आरक्षण मुद्दे पर भाजपा का प्रदर्शन
- दोपहर 3 बजे Balbir Singh Juneja Indoor Stadium से निकलेगी रैली
- शाम 6 बजे तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित
- मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai सहित कई नेता होंगे शामिल
महिला आरक्षण विधेयक संसद में पारित न होने के विरोध में भाजपा आज Raipur में जनआक्रोश रैली निकालने जा रही है। इस दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा, जिसे लेकर ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की अपील की है।
रायपुर। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाजपा सोमवार को Raipur में जनआक्रोश रैली आयोजित कर कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में निकाली जाने वाली यह रैली दोपहर 3 बजे Balbir Singh Juneja Indoor Stadium से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंचेगी, जहां सभा का आयोजन किया जाएगा।
रैली में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित कई मंत्री, सांसद और पार्टी पदाधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है।
प्रदर्शन को देखते हुए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक बूढ़ेश्वर चौक, गणेश मंदिर तिराहा, सदर बाजार, कोतवाली चौक, महिला थाना चौक, कालीबाड़ी चौक और सुभाष स्टेडियम जाने वाले मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी है।
पुलिस के अनुसार, बूढ़ेश्वर चौक से कैलाशपुरी ढाल होते हुए नेहरू नगर तथा कालीबाड़ी से अंबेडकर चौक मार्ग जैसे विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
इधर, मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पारित न होना देश की महिलाओं के लिए निराशाजनक है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दलों की राजनीति के कारण नारी शक्ति को उसका अधिकार नहीं मिल पाया।
भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाई है। 20 अप्रैल को जनआक्रोश महिला पदयात्रा, 23-24 अप्रैल को महिला सम्मेलन और 26-27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गौरतलब है कि लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा प्रस्ताव आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।