कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में बरसात के साथ लौटी हरियाली, झरनों के बहाव और घाटियों की खूबसूरती ने पर्यटकों को किया आकर्षित
लगातार हो रही बारिश ने बस्तर की धरती को हरियाली से ढंक दिया है। खासकर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान इन दिनों अपने चरम सौंदर्य पर है, जहां उफनते झरने, घने जंगल और बरसाती नज़ारे पर्यटकों को सम्मोहित कर रहे हैं।

बस्तर अंचल में मानसून की रफ्तार तेज़ होने के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य भी खिल उठा है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान इन दिनों हरियाली और बरसाती झरनों से सराबोर है। यहां ऊँचे-ऊँचे वृक्षों से घने जंगलों में फैली हरियाली और कलकल करते नदी-नाले मन को सुकून दे रहे हैं।

झरनों का जलस्तर बढ़ने से शिवगंगा, कांगेर धारा, झूलना दरहा, रानी दरहा और भैसा दरहा जैसे जलप्रपात नए जीवन से भर उठे हैं। स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में पर्यटक भी इन रमणीय स्थलों पर वीकेंड का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं और इन खूबसूरत लम्हों को कैमरे में कैद कर रहे हैं।
प्रसिद्ध तीरथगढ़ जलप्रपात भी इन दिनों पूरे वेग में बह रहा है, जो पर्यटकों के बीच मुख्य आकर्षण बना हुआ है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जो जैव विविधताओं और दुर्लभ वनस्पतियों के लिए जाना जाता है, अब हरियाली की चादर ओढ़े और भी मोहक हो गया है।
हालांकि, मानसून के दौरान कुटुमसर गुफा को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है, लेकिन बाकी पर्यटन स्थल पूरी तरह सक्रिय और पर्यटकों से गुलजार हैं।
यह समय प्रकृति से जुड़ने, ताजगी महसूस करने और शहर की भीड़ से दूर सुकून पाने के लिए आदर्श माना जा रहा है।
