सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर में यलो अलर्ट; बलरामपुर में अब तक सबसे ज्यादा 1113 मिमी बारिश, बेमेतरा में सबसे कम
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। अंबिकापुर में मंगलवार रात आई आंधी-बारिश से आधा शहर अंधेरे में डूबा रहा, वहीं बलरामपुर में कई जगह तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने बस्तर संभाग में भारी बारिश और प्रदेश के 30 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज बदल गया है और कई इलाकों में बारिश का दौर फिर से शुरू हो गया है। राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि अंबिकापुर में मंगलवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं और मूसलधार बारिश से शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे करीब 7-8 घंटे तक आधा शहर अंधेरे में डूबा रहा।
बलरामपुर जिले में मंगलवार को दो से तीन स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। इस बीच मौसम विभाग ने सरगुजा, रायपुर, दुर्ग, बालोद, धमतरी और कांकेर सहित 30 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है। सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। बस्तर संभाग में अगले पांच दिनों के दौरान कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया को इसकी वजह माना जा रहा है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस महीने अब तक बलरामपुर में सबसे अधिक 1113.5 मिमी बारिश हुई है, जबकि बेमेतरा में सबसे कम 336.4 मिमी। 1 से 11 अगस्त के बीच जहां औसतन 152.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं इस बार सिर्फ 50.8 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से करीब 67% कम है।
1 जून से अब तक प्रदेश में कुल 678 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जून-जुलाई के बीच यह आंकड़ा 623.1 मिमी रहा, जो अनुमानित 558 मिमी से 12% ज्यादा है। खास बात यह है कि पिछले 10 सालों में जुलाई में केवल दो बार ही बारिश 400 मिमी से ऊपर गई है—2023 में 566.8 मिमी और 2016 में 463.3 मिमी।