Indian Railways en-route to becoming Green Railway by 2030
नईदिल्ली(ए)। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की आरामदायक और शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रात 10 बजे के बाद शोर-शराबे पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाले नए नियम लागू कर दिए हैं। अब ट्रेन में तेज आवाज में संगीत सुनना, वीडियो देखना और मोबाइल फोन पर जोर से बात करना मना होगा। यह कदम खासकर रात की यात्रा के दौरान यात्रियों को बेहतर अनुभव देने और अनावश्यक शोर से बचाने के लिए उठाया गया है।
भारतीय रेलवे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सेवा प्रदान करता है, लेकिन बढ़ती संख्या में शोरगुल और अनुशासनहीनता की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। विशेष रूप से रात के समय तेज आवाज में संगीत सुनना, वीडियो देखना या फोन पर जोर से बात करना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा था। कई यात्री इस कारण झपकी लेना या आराम करना भी मुश्किल महसूस करते थे। यात्रियों की इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह सख्त नियम बनाया है।
ध्वनि प्रदूषण संबंधी गतिविधियों पर रोक
नए नियम के तहत रात 10 बजे के बाद सभी प्रकार की ध्वनि प्रदूषण संबंधी गतिविधियों पर रोक रहेगी। इसमें तेज आवाज में संगीत बजाना, वीडियो देखना, रील्स या अन्य मनोरंजन सामग्री का उच्च ध्वनि स्तर पर उपयोग शामिल है। इसके अलावा, फोन पर जोर से बातचीत करना भी प्रतिबंधित होगा। नियम का उल्लंघन करने वाले यात्रियों को जुर्माना या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे कर्मचारियों को शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई का अधिकार भी दिया गया है।
देशभर की सभी ट्रेनों में लागू
यह नियम देशभर की सभी ट्रेनों में लागू होगा, चाहे यात्री किसी भी श्रेणी जैसे प्रथम श्रेणी, शयनयान या सामान्य वर्ग में सफर कर रहे हों। रेलवे का उद्देश्य सभी यात्रियों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करना है, जिसमें वे बिना किसी शोर-शराबे के आराम कर सकें और रात की यात्रा का पूरा लाभ उठा सकें। विशेष रूप से लंबी दूरी की और रात भर चलने वाली ट्रेनों में यह नियम यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा। परिवार के बुजुर्ग सदस्य, बच्चे और वे यात्री जो सोना चाहते हैं, उन्हें अब शांतिपूर्ण वातावरण मिलेगा। इससे लंबी यात्रा के दौरान थकान कम होगी और यात्रा का अनुभव सुखद बनेगा।
शोर-शराबे से मुक्त आरामदायक यात्रा
पर्यटकों के लिए भी यह नया नियम स्वागतयोग्य साबित होगा, क्योंकि विदेशी पर्यटक भी शोर-शराबे से मुक्त आरामदायक यात्रा की उम्मीद करते हैं। रेलवे की इस पहल से देशभर में रेल यात्रा की गुणवत्ता में सुधार होगा और यह एक आधुनिक, यात्रियों के अनुकूल सेवा प्रदाता के रूप में भारतीय रेलवे की प्रतिष्ठा को भी मजबूत बनाएगा। भारतीय रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों की शिकायतों और आराम की आवश्यकताओं के मद्देनजर उठाया गया है। आने वाले समय में ऐसे और भी सुधार किए जाएंगे ताकि रेल यात्रा सभी के लिए सुखद और सुरक्षित बनी रहे।