भाजपा सेवा पखवाड़े के रूप में मना रही जन्मदिन, रक्तदान से लेकर ‘नमो दौड़’ तक होंगे आयोजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 75 वर्ष के हो गए। जन्मदिन के मौके पर भाजपा ने पूरे देश में सेवा पखवाड़े की शुरुआत की है, जो 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलेगा। इस दौरान कार्यकर्ता रक्तदान शिविर, पौधरोपण, नमो दौड़ और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। गुजरात से लेकर दिल्ली तक अपने राजनीतिक सफर में मोदी ने खुद को कभी जनसेवक तो कभी प्रधान सेवक कहकर जनता के साथ जोड़ा और नामदार बनाम कामदार की राजनीति को नए आयाम दिए।
नई दिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (17 सितंबर) को 75 वर्ष के हो गए। इस खास अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने उनके जन्मदिन को “सेवा पखवाड़े” के रूप में मनाने की घोषणा की है। 17 सितंबर से लेकर 2 अक्तूबर तक चलने वाले इस अभियान में पार्टी कार्यकर्ता देशभर के एक हजार जिलों में रक्तदान शिविर आयोजित करेंगे। साथ ही 75 शहरों में ‘नमो दौड़’ के अलावा पौधरोपण और सामाजिक कार्यक्रम भी होंगे।
मोदी का पूरा राजनीतिक सफर सेवा और समर्पण की मिसाल रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने खुद को हमेशा जनसेवक कहा। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने खुद को “प्रधान सेवक” कहना पसंद किया। सत्ता को उन्होंने कभी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि सेवा का अवसर माना। यही कारण है कि आम जनता के बीच वे “कामदार नेता” की छवि बना पाए।
मोदी के भाषणों और विचारों ने लोगों में राष्ट्र गौरव और संस्कृति के सम्मान की भावना जगाई है। उनके शब्द सीधे जनता के दिल को छूते हैं—चाहे वह “स्वच्छ भारत अभियान” को जन आंदोलन बताना हो, “वोकल फॉर लोकल” का आह्वान करना हो, या फिर “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का मंत्र देना हो।
75वें जन्मदिन पर मोदी के कई वक्तव्य याद किए जा रहे हैं, जिनमें सेवा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, नवाचार और राष्ट्रवाद की झलक मिलती है। यही विचार उन्हें जनता के और करीब ले आते हैं। भाजपा शासित राज्यों में भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम रखे गए हैं।